शाम को गमगीन माहौल में कर्बला में दफन किए गए
अवध दीक्षित
घाटमपुर (कानपुर)। मोहर्रम की दसवीं तारीख पर रविवार को घाटमपुर में ताजिया जुलूस निकाला गया। बताया गया कि कर्बला की लड़ाई में शहीद हुए पैगंबर मुहम्मद के पोते इमाम हुसैन की याद में परंपरागत जुलूस निकाला गया। वहीं, क्षेत्र के जहांगीराबाद, रेवना और गिरसी गांवों में भी ताजिया जुलूस निकाले गए। रविवार की दोपहर बाद कस्बे के मोहल्ला कटरा स्थित बगिया मैदान से ताजिया जुलूस उठाया गया। जिसमें शामिल अखाडो में युवक और करतब बाज तरह तरह के करतब दिखाते हुए चल रहे थे। ढोल की धुन पर वह अपने करतब दिखा रहे थे। जबकि, जुलूस में शामिल निशान लेकर और ताजिया उठाए लोग कतारबद्ध होकर चल रहे थे। जुलूस परंपरागत मार्गाे से चलकर सदर बाजार होता हुआ वापस शाम को बगिया मैदान पहुंचा। जहां पर काफी देर तक करतब और पैंतरेबाजी दिखाने का दौर चला।

इसके बाद देर शाम गमगीन माहौल में कर्बला में ताजिया दफन किए गए। इस दौरान अखाड़े और जुलूस की अगुवाई करने में प्रमुख रूप से खलीफा वली मोहम्मद, खलीफा नदीम इलाही, खलीफा अत्तू, मुन्ना, कमर अंसारी और खलीफा इरशाद के अलावा अखाड़े के मैनेजर साबू कुरैशी एवं हिंदू खलीफा जन्मेजय गोस्वामी आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे। इधर, शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से एसडीएम घाटमपुर मनीष कुमार, डीसीपी (साउथ) योगेश कुमार, एसीपी (घाटमपुर) कृष्णकांत यादव और कोतवाली इंस्पेक्टर धनंजय कुमार पांडेय पुलिस और पीएसी बल के साथ जुलूस में शामिल रहे। तेज उमस और गर्मी के बीच जुलूस में शामिल लोग परेशान भी दिखे। जिसे देखते हुए जगह-जगह पेयजल, शरबत और शीतल पेय का वितरण किया जा रहा था।
