रियल मीडिया नेटवर्क
राठ हमीरपुर। चिल्ली गांव में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद गाँव में दहशत का माहौल बना हुआ है। करीब एक महीने के भीतर एक ही परिवार के दो सदस्यों — एक महिला और एक बुजुर्ग — की हत्या से लोग सकते में हैं। हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी भी गांव से ही पकड़े हैं, लेकिन किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. दीक्षा शर्मा ने विशेष सतर्कता के निर्देश दिए थे।
पुलिस कप्तान के आदेश पर स्थानीय कोतवाली के तीन उपनिरीक्षकों और नौ सिपाहियों को पीड़ित परिवार की 24 घंटे निगरानी में तैनात किया गया था। लेकिन हकीकत यह है कि पुलिसकर्मी गांव में मौजूद रहने के बजाय अधिकांश समय कोतवाली परिसर में ही बैठे नजर आते हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ चर्चित सिपाही, जो कारखासी का ओहदा भी संभालते हैं, दिनभर थाने में ही चहल-कदमी करते देखे जाते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की इस लापरवाही से पीड़ित परिवार खुद को अब भी असुरक्षित महसूस कर रहा है। गांव में सुरक्षा के नाम पर सिर्फ कागज़ी तैनाती है। लोगों को डर है कि अगर निगरानी सही से नहीं हुई तो कोई नई वारदात कभी भी घट सकती है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस अधीक्षक से अपील की है कि वे खुद हालात का जायजा लें और लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय के साथ-साथ सुरक्षा भी मिल सके।
