रियल मीडिया नेटवर्क
भरुआ सुमेरपुर। कस्बे के तपोभूमि के गायत्री गंगा घाट में पिछले आठ माह से चल रही गंगा आरती में घाट के निर्माण में कुछ लोगों के अवरोध उत्पन्न करने से भक्तों में निराशा है।
गायत्री तपोभूमि कस्बे के लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां पर गत वर्ष अगहन मास में महायज्ञ की वर्षगांठ के समय गंगा आरती की शुरुआत हुई थी। यह आरती नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेंद्र शिवहरे की पहल पर शुरू हुई थी। इस गंगा आरती में कस्बे के सैकड़ो लोग प्रतिदिन शामिल होते हैं। लोगों ने गायत्री गंगा घाट के सुंदरीकरण की मांग नगर पंचायत अध्यक्ष की थी। अध्यक्ष ने जब सुंदरीकरण कराने का प्रयास किया। तब कुछ कस्बा वासियों ने गायत्री गंगा के आसपास की जमीन को पुश्तैनी जमीन बताकर अड़ंगा लगा दिया है। लोगों का तर्क है कि नदी एवं नाले के किनारे राजस्व अभिलेखों में नजूल की भूमि होती है। साथ ही नदी और नाले राजस्व के अधीन होते हैं। तब यहां पुश्तैनी जमीन किस आधार पर है। लोगों ने गायत्री गंगा के सुंदरीकरण की मांग की है।

