रियल मीडिया नेटवर्क
भरुआ सुमेरपुर। बांदा हमीरपुर जिले की सीमा पर चंद्रावल नदी किनारे बसे किसवाही गांव का संपर्क नदी के उफनाते ही टूट गया है। अब यहां के बाशिंदों को 15 किलोमीटर का चक्कर काटकर सुमेरपुर एवं मौदहा जाना पड़ रहा है।
किसवाही जाने के लिए मुंडेरा से सीधा संपर्क मार्ग है। इस संपर्क मार्ग में इसी वर्ष सदर विधायक की पहल पर रपटे का निर्माण कराया गया है। चंद्रावल नदी का जलस्तर बढ़ने से रपटा पूरी तरह से डूब गया। इससे इस मार्ग से लोगों का आवागमन ठप हो गया है। अब यहां के लोग बांदा जनपद के गडरिया गांव से होकर 15 किलोमीटर का चक्कर काट कर मुंडेरा से सिसोलर मार्ग के टोला गांव पहुंचकर सुमेरपुर, हमीरपुर मौदहा की ओर आ जा रहे हैं। गांव निवासी जितेंद्र सिंह, प्रधान अशोक सिंह, बनवारी, गजेंद्र सिंह, श्याम करण,चुन्नू पाल, राजाराम, तिलक सिंह यादव आदि ने बताया कि चंद्रावल नदी में आई बाढ़ से नवनिर्मित रपटा पूरी तरह से डूब गया है। इससे आवागमन ठप हो गया है। जरूरी कार्य होने पर 15 किलोमीटर का चक्कर लगाकर आना जाना पड़ रहा है।

