
बरुआ भौंरा के अलावा कुछेछा देवगांव मार्ग में आवागमन हुआ प्रभावित
रियल मीडिया नेटवर्क
भरुआ सुमेरपुर। मुख्यालय से होकर गुजरने वाली यमुना एवं बेतवा नदी के खतरे के निशान को पार करते ही ब्लॉक के एक दर्जन गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। अभी बाढ़ के पानी से फसलें ही ज्यादातर चपेट में आई हैं। कहीं-कहीं आवागमन भी बाधित हुआ है। अगर जलस्तर में और बढ़ोतरी होती है तो ज्यादा नुकसान की संभावना बलवती हो जाएगी।
यमुना एवं बेतवा नदी की बाढ़ से ब्लाक की ग्राम पंचायत मोराकांदर, कुम्हऊपुर, पौथिया, कलौली तीर, हेलापुर, टिकरौली, पारा ओझी, बड़ागांव, पत्योरा, सुरौली बुजुर्ग, छोटा कछार, बड़ा कछार, बरुआ, भौंरा प्रभावित होते हैं। बेतवा नदी का कहर मोराकांदर कुम्हऊपुर, पौथिया, कलौली तीर, हेलापुर, टिकरौली, पारा ओझी, बड़ा गांव में पड़ता है जबकि यमुना नदी की बाढ़ से सुरौली बुजुर्ग, छोटा कछार, बड़ा कछार, बरुआ, भौंरा गांव प्रभावित होते हैं। इसके बाद यमुना नदी बांदा जनपद में प्रवेश कर जाती है। दोनों नदियों के खतरे का निशान पार करने के बाद गांवों की फसलें जलमग्न होने लगी हैं। बरुआ, भौंरा में नाले के रास्ते यमुना का पानी गांव के अंदर घुसने लगा है। इससे दोनों गांवों का अवागमन बाधित हुआ है। बरुआ के प्रधान छेदीलाल निषाद ने बताया कि आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था की गई है। भौंरा के प्रधान सुरेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि गांव के मध्य से गुजरे नाले में पानी भर जाने से गांव दो हिस्से में बंट गया है। इसी तरह बेतवा नदी का पानी टिकरौली गांव में सड़क के ऊपर आ जाने से कुछेछा, देवगांव मार्ग में आवागमन ठप हो गया है। बेतवा नदी का पानी कुंडौरा गांव तक आ जाने से सैकड़ो किसानों की खरीफ की फसलें जलमग्न हो गई हैं। इन फसलों में नुकसान की आशंका बलवती हो गई है। इससे किसान परेशान है।

