भरुआ सुमेरपुर। कस्बे की वर्णिता संस्था के तत्वावधान में साहित्य के सूरमा रवीन्द्र नाथ टैगोर की पुण्यतिथि मनाई गई।
संस्था के अध्यक्ष डॉ.भवानीदीन ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि इनकी देश के प्रति भूमिका को नकारा नहीं जा सकता है। इनका जन्म सात मई 1861 को कोलकाता में देवेन्द्र नाथ टैगोर एवं शारदा देवी के घर हुआ था। इनकी शिक्षा तो अधिक नहीं थी। लेकिन प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे। वह जन गण मन नामक राष्ट्र गान के रचयिता तथा गीतांजलि नाम की अमर कृति के कृतिकार थे। इसी कृति के कारण साहित्य में नोबुल पुरस्कार के विजेता बने थे। इन्होने कई पुस्तकें लिखी। कालांतर में इनका सात अगस्त 1941 को कोलकाता में निधन हो गया था। कार्यक्रम में बाबूलाल,सिद्धा,प्रेम, रिचा, पंकज सिंह, महावीर,सागर, विकास, अशोक अवस्थी, रामनारायन, कमलेश सोनकर, दस्सी व राहुल प्रजापति आदि शामिल रहे।

