
भरुआ सुमेरपुर। खट्टी मीठी यादों को संजोए कस्बे का सैकड़ो वर्ष पुराना ऐतिहासिक तीजा मेला गुरुवार की रात हुई सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सकुशल संपन्न हो गया। मेले के सकुशल संपन्न होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। हाईवे पर तीन दिनों से लगे डायवर्जन को हटा दिया। जिससे भारी वाहनों चालकों को राहत मिली है।
कस्बे का ऐतिहासिक तीजा मेला सैकड़ो वर्ष पुराना है। इसकी ख्याति बुंदेलखंड के अलावा रूहेलखंड के जनपदों में है। कस्बे का यह ऐतिहासिक तीजा मेला लोक संस्कृति, ज्ञान विज्ञान, सामाजिक एकता के लिए मशहूर है। इस मेले में लाखों की भीड़ उमड़ती है। इस वर्ष शोभायात्रा में काफी बदलाव दिखा। वहीं पशु बाजार मेला प्रबंधक सौमित्र सिंह ने इस बार बड़े बदलाव करके मेला को भव्य बनाया। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेंद्र शिवहरे ने इसकी ख्याति को बढ़ाने में किसी तरह की कोर कसर नहीं छोड़ी है। साफ सफाई पानी बिजली के पुख्ता इंतजाम कराकर अपनी अलग छाप बनाई है। नागनाथन लीला के लिए हर चंदन तालाब में कराए गए सुंदरीकरण की लोगों ने जमकर प्रसंशा की। मेले के आखिरी दिन गुरुवार की रात में झांसी के इसरार ग्रुप के कलाकारों ने पशु बाजार मेला मैदान में वीर बुंदेला लाला हरदौल नाटक का सफल मंचन किया। नाटक देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। वहीं त्रिवेणी मैदान में 72 घंटे का अनवरत चलने वाले कबीरी भजन का तड़के समापन हो गया। इसी के साथ कस्बे का यह ऐतिहासिक तीन दिवसीय तीजा मेला खट्टी मीठी यादों को संजोए सकुशल संपन्न हो गया।

