
- 9 ब्लॉकों के बीडीओ पर गलत रिपोर्ट भेजने का आरोप, जांच व कार्रवाई की मांग
उरई (जालौन)। योजनाओं का लाभ पाने से वंचित बसोर, बरार व अन्य दलित जातियों के लोगों ने अब आवाज बुलंद कर दी है। अखिल भारतीय बसोर समाज विकास समिति ने शनिवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए विकास खंड अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। संगठन का कहना है कि शासनादेश के बावजूद जिले में इन जातियों को योजनाओं से दूर रखने के लिए “रिपोर्ट का खेल” खेला गया है।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 29 फरवरी 2024 को उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि बसोर, बरार व अन्य दलित, पिछड़ा,वंचित जातियों को योजनाओं में प्राथमिकता दी जाए। इसके बावजूद जालौन जिले के नौ विकास खंडों के बीडीओ ने शासन को यह रिपोर्ट भेज दी कि जिले में ये जातियां निवास ही नहीं करतीं। इससे सैकड़ों गरीब परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह गए और आज भी बदहाल जीवन जीने को मजबूर हैं। मंडल प्रभारी रामबाबू बरार जोशीला ने आरोप लगाया कि पड़ोसी जिलों झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, कानपुर देहात व औरैया में इन जातियों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, लेकिन जालौन में अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता के चलते हालात विपरीत हैं। उन्होंने कहा कि यह गरीबों के अधिकारों के साथ सीधा अन्याय है। संगठन ने जिलाधिकारी से मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।वहीं, कुछ लोगों द्वारा दिए गए कथित “झूठे ज्ञापन” को भी संगठन ने सिरे से खारिज कर दिया। इस दौरान रामबाबू बरार,अनुराधा कठेरिया, सुनीता, संगीता, शशि, सुमन, कुन्ती, बैजंती सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
सांसद के समर्थन में नारेबाजी
इधर, बसोर समाज के लोगों ने सांसद नारायण दास अहिरवार के समर्थन में नारेबाजी कर उनका आभार जताया। लोगों का कहना है कि सांसद ने लोकसभा में बरार, बसोर समाज का मुद्दा उठाकर उनकी आवाज को मजबूती दी है।
