शिक्षा के नए युग का शुभारंभ: ‘द लर्निंग वर्ल्ड स्कूल’ का ब्रजेश पाठक ने किया भव्य उद्घाटन


(शाश्वत तिवारी)

लखनऊ/ उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद के फाजिलनगर क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत हो गई है। ‘द लर्निंग वर्ल्ड स्कूल’ के नवीन शैक्षणिक भवन का भव्य उद्घाटन प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक  के करकमलों द्वारा 30 मार्च 2026 को संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल एक विद्यालय के उद्घाटन का अवसर था, बल्कि क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के एक नए युग के शुभारंभ का प्रतीक भी बन गया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि शिक्षा ही वह आधार है, जो किसी भी समाज और राष्ट्र के भविष्य को सशक्त बनाती है। ‘द लर्निंग वर्ल्ड स्कूल’ जैसे संस्थान ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में आधुनिक शिक्षा का दीप प्रज्वलित कर रहे हैं।
पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार के व्यापक फलक पर आज ‘द लर्निंग वर्ल्ड स्कूल’ एक ज्योति की तरह स्थापित हुआ है, जिसका लाभ इस क्षेत्र की जनता को बहुत ज्यादा मिलने जा रहा है। कुशीनगर जिले में बिहार की सीमा से सटे इस क्षेत्र को ऐसा पहला विद्यालय मिल रहा है जहां वास्तव में अत्यंत उच्च स्तर की शिक्षा की व्यवस्था की गई है। आज के वैश्विक और तकनीकी युग में इस क्षेत्र के लिए यह विद्यालय किसी वरदान जैसा है। यह ऐसा पहला परिसर है जहां बच्चों की पढ़ाई के साथ उनके संपूर्ण व्यक्तित्व को विकसित करने की सभी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। आधुनिक तकनीक के युग में देश की नई पीढ़ी को पूर्ण रूप से शिक्षित और प्रशिक्षित करने की सभी व्यवस्थाएं इस विद्यालय में की गई हैं। कुशीनगर जिले में ऐसे विद्यालय की बहुत समय से जरूरत महसूस की जा रही थी।
द लर्निंग वर्ल्ड स्कूल’ के प्रबंध निदेशक श्रीमान ब्रजभूषण शुक्ल जी और उनकी टीम ने यहां के बच्चों और अभिभावकों का यह सपना पूरा कर, इस क्षेत्र के विकास के लिए बहुत बड़ा कार्य किया है।
‘द लर्निंग वर्ल्ड स्कूल’ इस जिले का पहला इतना बड़ा परिसर है,  जिसमें विशाल प्रांगण के साथ साथ अत्यंत कुशल और प्रशिक्षित अध्यापकों की बहुत सशक्त टीम कार्य करने जा रही है। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के इस इलाके के साथ साथ पश्चिमी बिहार के कई जनपदों के बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होगी। अभी तक यहां के बच्चों को बहुत कठिनाइयां सह कर गोरखपुर या उससे आगे के शहरों में अच्छी शिक्षा के लिए जाना पड़ता था। इससे बच्चों के अभिभावक भी बहुत तकलीफ सहते थे। अब  इस विद्यालय की स्थापना ने, यहां के बच्चों और अभिभावकों के लिए बहुत सही समय पर बेहतर शिक्षा के आधुनिक साधन और अवसर उपलब्ध करा दिया है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान न केवल बच्चों को ज्ञान देगा, बल्कि उन्हें संस्कार, अनुशासन और आधुनिक सोच से भी परिपूर्ण करेगा।
इस ऐतिहासिक अवसर पर क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री, शिक्षाविद् और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से,
विधायक सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा, विनय प्रकाश गोंड, शलभ मणि त्रिपाठी, विवेकानंद पांडेय, असीम कुमार, कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तन्वर, वरिष्ठ पत्रकार शाश्वत तिवारी, आचार्य संजय तिवारी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मौजूद सभी गणमान्यों ने विद्यालय के इस प्रयास को क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर बताया और इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया।
आधुनिक शिक्षा और संस्कारों का संगम
विद्यालय के प्रबंध निदेशक ब्रजभूषण शुक्ल ने अपने संबोधन में कहा कि ‘द लर्निंग वर्ल्ड स्कूल’ का उद्देश्य केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना और उन्हें नैतिक मूल्यों से जोड़ना भी है।
उन्होंने बताया कि स्कूल में आधुनिक सुविधाएं, स्मार्ट क्लास, अनुभवी शिक्षकों की टीम और समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
क्षेत्र के विकास में शिक्षा की भूमिका कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि कुशीनगर जैसे क्षेत्रों में इस प्रकार के उच्चस्तरीय शैक्षणिक संस्थान युवाओं के भविष्य को नई दिशा देंगे। इससे न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि रोजगार और सामाजिक जागरूकता भी बढ़ेगी।
एक नई शुरुआत, एक नया विश्वास कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त किया।
‘द लर्निंग वर्ल्ड स्कूल’ का यह भव्य उद्घाटन निश्चित रूप से क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई चेतना और विश्वास का संचार करेगा।
लखनऊ से चल कर हेलीकॉप्टर से पधारे,
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी ऐतिहासिक बना दिया, जिससे यह संदेश गया कि सरकार और समाज मिलकर शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


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