अयोध्या की हार, भाजपा की बड़ी हार; वो भूल नहीं पा रहे हैं: अखिलेश यादव

अयोध्या की हार, भाजपा की बड़ी हार; वो भूल नहीं पा रहे हैं: अखिलेश यादव

लखनऊ । अखिलेश यादव ने कहा कि आप जो लिखेंगे अखबार में वही पाठक पढ़ेगा और जो ट्रायल किया था यूपी में वो ग्राफ लेकर नहीं आया मैं, हालांकि मेरे मोबाइल में है वो ग्राफ कि कभी भी हमारे विरोधी दल को इतना वोट नहीं मिला उन विधानसभाओं में। जहां वो एक लाख चालीस हजार से जीत गए। पुलिस के लोगों ने वोट डाला, वर्दी उतारी हुई थी उन्होंने, प्राइवेट ड्रेस में वोट डाला उन्होंने। अयोध्या की हार भाजपा की बड़ी हार है और वो इसे भूल नहीं पा रहे हैं। यूपी की हार तो है ही लेकिन अयोध्या की भी हार हुई उसकी वजह से उन लोगों ने मन बनाया हुआ था कि भारतीय जनता पार्टी को जिताएंगे और समाजवादी पार्टी को हटाएंगे। एक-एक आदमी ने छह छह वोट डाले, लोग पकड़े गए। उनसे जब पूछा गया कि कितने वोट डालकर आ रहे हो तो उन्होंने बताया कि हम 6 वोट डालकर आ रहे हैं। मंत्री जी के खासमखास लोग पकड़े गए। पुलिस के अधिकारियों को पोस्टिंग दी गई कि आपका केस खत्म हो जाएगा बस आप चुनाव जिता दो। यह बात मैं ऐसे ही नहीं कह रहा हूं, आपके पाठक भी जाने जितना निष्पक्ष सत्यता के साथ, हालांकि लखनऊ में जहां आपने कहा कि लखनऊ में आप आए यहां का एक शिष्टाचार, एक अदब और एक संस्कृति है। लेकिन अभी एक संस्कृति और भी बनी है, नाम बदलने की। पत्रकारिता का भी नाम बदल देना चाहिए और सत्यकारिता हो जाना चाहिए। इसके साथ ही निष्पक्षता जुड़ जाए। पत्रकारिता, सत्यकारिता और निष्पक्षता जुड़ेगे तो हमारे लोकतंत्र के और कल्याणकारी जो सरकार की योजनाएं वो और मतबूत होंगी। अखिलेश यादव ने कहा कि मैं बधाई देना चाहता हूं आपको स्वर्णिम शताब्दी की ओर आपके कदम बढ़ रहे हैं। मैं आपको बहुत शुभकामनाएं देना चाहता हूं और साथ ही साथ ये भी कहना चाहता हूं। सत्य का उजाला अमर रहे और जहां हम लोग सब लोग, जब इस कार्यक्रम में जहां पर 100 साल पूरे होंगे उस तरफ बढ़ रहे हैं। सच्चाई तो यह भी है कि अगर हम अपने दायित्व को न भूल और अपने दायित्व को सौ प्रतिशत पूरा करें। उस रास्ते पर चलते रहें, इधर हम देख रहे हैं कि पत्रकारिता की थोड़ी बहुत गिरावट हुई है। इससे हमें उम्मीद है कि हम सब लोग जगने और जगाने का काम करेंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि बंगाल में जो हुआ वो कभी यूपी में भी हुआ था। बंगाल में जो दोहराया गया वो यूपी में भी दोहराया गया। मैं उन तमाम अखबार तमाम डिजिटल प्लेटफॉर्म का धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने वो तस्वीर छापी थी कि पुलिस का अधिकारी नंगी रिवॉल्वर लेकर महिलाओं को रोक रहा था और कह रहा था कि वोट नहीं डाले जा सकते हैं। मैं उन महिलाओं का धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने परवाह नहीं कि उस अधिकारी की, रिवॉल्वर की और गोलियों की। उन्होंने कहा कि आज मतदान है और हम मतदान करने जाएंगे। हमसे बेहतर तो आप जातने होंगे, क्योंकि आपका और पाठक का संबंध बहुत गहरा है। विपक्ष के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि सत्यकारिता के साथ निष्पक्ष हमारे पाठकों के सामने आएंगी। विपक्ष इस बार महंगाई है। विपक्ष इस बार डीजल है। विपक्ष इस बार पेट्रोल है। विपक्ष इस बार गैस का लाल सिलिंडर है। विपक्ष इस बार वो किसान है जो दुखी हो रहे हैं वो है। विपक्ष इस बार अग्निवीर वाले नौजवान हैं। विपक्ष वो मजदूर है, जिसने लाठी खाई। इस बार विपक्ष वो भी है जो लखनऊ में 69 हजार भर्ती को लेकर एक बार नहीं बार-बार आए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जहां खत्म हो जाती है, वहां से पीडीए शुरू होता है। भाजपा ने अपने P को आखिरी में रखा है। हमने सबसे पहले रखा है। उनके P का मतलब है पार्टी, हमारे P का मतलब है पीड़ित। अखिलेश यादव ने कहा कि जहां बहस महंगाई पर होनी चाहिए, चर्चा इस बात की हो रही है कि लोग साइकिल पर चल रहे हैं। लोग दो गाड़ी छोड़ दिए हैं, काफिले में गाड़ियां कम कर दी हैं। साइकिल पर आ गए हैं। ये संदेश दे रहे हैं कि आने वाला समय खुशहाली के लिए और महंगाई से लड़ाई के लिए साइकिल ही जरूरी है। साइकिल के अलावा कोई रास्ता नहीं है। अखिलेश यादव ने नीट को लेकर कहा कि नीट के एग्जाम को तो लीक एग्जाम लिख देने चाहिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार में। क्या वो नीट के छात्र को भूल जाओगे। यूपी में हर साल चार लाख बच्चे नीट की परीक्षा देते हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि क्यों मंत्री का इस्तीफा मांगना चाहिए, प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगना चाहिए था। मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगना चाहिए था। हमारे मुख्यमंत्री जी आए क्यों नहीं इस्तीफा देकर गए। क्यों नीट की बात नहीं की उन्होंने।

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