आजम खां और बेटे अब्दुल्ला की तीन-तीन साल की सजा बढ़ी, जुर्माना भी पांच लाख किया गया

आजम खां और बेटे अब्दुल्ला की तीन-तीन साल की सजा बढ़ी

लखनऊ। सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की मुश्किलें बढ़ गई है। कोर्ट ने उनकी सजा को तीन साल और बढ़ा दिया है। अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने नवंबर 2025 में सपा नेता आजम खां और बेटे अब्दुल्ला को सात-सात साल की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से सजा के खिलाफ और अभियोजन पक्ष की ओर से सजा बढ़ाने को लेकर एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दायर की गई थी। सजा बढ़ाने की अभियोजन पक्ष की अपील की सुनवाई एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में चल रही है। सजा बढ़ाने से संबंधित अपील पर दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी हो गई है। इस मामले में अभियोजन की ओर से रूलिंग भी दाखिल की गई हैं। कोर्ट अब इस मामले में शनिवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने सरकार की अपील को मंजूर कर दिया है। कोर्ट ने आजम व अब्दुल्ला की सजा को तीन तीन साल के लिए बढ़ा दिया है। इसके साथ ही अब ही पांच पांच लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले शनिवार यानि 16 मई को साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान रामपुर के डीएम को तनखैया बोलते हुए उनसे जूते साफ कराने का बयान देने पर दर्ज केस में अदालत ने सपा नेता आजम खां को दो साल कैद की सजा सुनाई थी। आजम पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। बेटे के दो पैन कार्ड मामले में सुनाई गई सजा के बाद आजम खां और अब्दुल्ला आजम नवंबर 2025 से जेल में हैं। तत्कालीन डीएम पर बयान के मामले में सजा सुनाए जाने के दौरान पर आजम जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट की कार्यवाही से जुड़े रहे। सपा नेता आजम खां के खिलाफ यह मामला भोट थाना क्षेत्र में दर्ज कराया गया था। आरोप था कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भोट इलाके में उन्होंने जनता के बीच रोड शो में यह बयान दिया था। उस समय का चुनाव सपा-बसपा गठबंधन का था और रामपुर लोकसभा सीट से आजम खां प्रत्याशी थे। बयान देते समय का आजम खां का वीडियो भी वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद चुनाव आयोग ने राज्य निर्वाचन आयोग से रिपोर्ट तलब की थी। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगते हुए कार्रवाई के आदेश दिए थे। इस आदेश के बाद चमरौआ विधानसभा क्षेत्र के एआरओ एवं टांडा के एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी ने 11 मई 2019 को मुकदमा दर्ज कराया था। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट शोभित बंसल की अदालत ने इस मामले में सपा नेता आजम खां को दोषी करार दिया। इसके बाद कोर्ट ने आजम खां को दो साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई।

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