बृज की रसोई ने परोसी आत्मीयता की थाली, हजारों जरूरतमंदों को मिला ससम्मान भोजन एवं शीतल शरबत

भूख से संघर्षरत जीवनों तक पहुँची संवेदनाओं की रोशनी
बृज की रसोई ने फिर रचा सेवा, समर्पण और सामाजिक सरोकार का नया अध्याय
लगभग 2000 जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक परोसा गया पौष्टिक भोजन एवं शीतल शरबत: जालिम सिंह
स्वयंसेवकों ने आत्मीयता, संवेदना और सेवा भाव के साथ प्रेमपूर्वक भोजन वितरित कर मानवीय मूल्यों की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की: बलवंत सिंह

लखनऊ, 28 जून। प्रेरणास्रोत बाबा नीम करौली जी की असीम कृपा से इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी (रजि.) द्वारा संचालित सेवा प्रकल्प बृज की रसोई के अंतर्गत आशियाना क्षेत्र में विशाल निःशुल्क भोजन वितरण सेवा सम्पन्न हुई। कार्यक्रम के दौरान लगभग 2000 से अधिक अकिंचन, निराश्रित, असहाय, जरूरतमंद बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं एवं दिहाड़ी श्रमिकों को ससम्मान पौष्टिक भोजन संग शीतल शरबत वितरित किया गया।
संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा ने कहा कि बृज की रसोई केवल भूख मिटाने का प्रयास नहीं, बल्कि उपेक्षित एवं वंचित वर्ग के मन में विश्वास और अपनत्व की भावना जागृत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि सेवा का वास्तविक महत्व किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लौटाने में निहित है।
दीपक भुटियानी ने कहा कि बढ़ती सामाजिक एवं आर्थिक विषमताओं के बीच सामूहिक सहयोग और मानवीय सहभागिता ही संवेदनशील समाज के निर्माण का आधार बन सकती है। वहीं संजय श्रीवास्तव ने कहा कि संविधान में निहित समानता, गरिमा एवं सामाजिक न्याय के मूल्यों को व्यवहारिक रूप देने का सतत प्रयास बृज की रसोई के माध्यम से किया जा रहा है।
विकास पाण्डेय ने बताया भोजन की प्रत्येक थाली के साथ अपनत्व, सम्मान और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी परोसी गई, जिसने पूरे आयोजन को केवल सेवा कार्यक्रम न बनाकर जनसहभागिता के उत्सव का स्वरूप प्रदान कर दिया।
आशीष श्रीवास्तव ने बताया कार्यक्रम के सफल संचालन में सी.एच. तिवारी, जालिम सिंह, संजय श्रीवास्तव, दीपक भुटियानी, आशीष श्रीवास्तव, बलवंत सिंह, मुकेश कनौजिया, नवलेश सिंह, रोहित कुमार, सत्यम एवं उमाशंकर यादव सहित अनेक स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

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