भक्तों में भारी आक्रोश, निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग
कृष्ण कुमार द्विवेदी
महोबा। जिले में विकास कार्यों धांधली थामें नहीं थम रही है कमीशन खोरी का आलम यह है कि मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट
गुरू गोरखनाथ की तपोभूमि को भी नहीं बक्शा। गोरखगिरि पर्वत पर हो रहे विकास कार्यों के तहत तीन माह पहले लगी गुरू गोरखनाथ की मूर्ति लगाई गई थी जो पहली ही बरसात में मूर्ति टूट कर धराशाई हो गई । प्लास्टर ऑफ पेरिस की बनी यह मूर्ति पहाड़ के ऊपर बने सिद्ध बाबा मंदिर के पास एक दीवार पर लगी थी। यह मूर्ति कैसे गिर कर टूटी, यह तो नहीं पता चल सका लेकिन सुबह जब श्रद्धालु वहां पहुंचे तो उन्होंने देखा। श्रद्धालुओं में इससे काफी आक्रोश है और इसके लिए निर्माण एजेंसी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। रोज सुबह सिद्ध बाबा मंदिर जाने वाले बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर सनातनी व उनके साथियों ने बताया कि दस दिन पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखगिरि पर्वत आए थे यह पूजा अर्चना के साथ यहां चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। सिद्ध बाबा मंदिर के प्रवेश द्वार से ठीक पहले चार बड़े-बड़े सीमेंट के पत्थर बनाए गए। दो पत्थरों में गुरू गोरखनाथ के बारे में लिखा गया और दो पत्थरों में गुरू गोरखनाथ की मूर्ति लगाई गई। इन्हीं दो मूर्तियों में से एक मूर्ति संभवतः रात में पत्थर से उखड़ कर गिर गई और टूट गई। योगी जी से इसी जगह वृक्षारोपण भी कराया गया। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष दिलीप जैन ने कहा कि घटिया निर्माण कार्य की वजह से मूर्ति टूटी है। गोरखगिरि में पर्यटन विकास के लिए 12 करोड़ की धनराशि से जो निर्माण कार्य हुए, सभी में तमाम खामियां हैं। इनकी उच्च स्तरीय जांच होना चाहिए। मुख्यमंत्री के आगमन पर प्रशासन ने हमारे साथियों को शायद इसीलिए नजरबंद कर दिया था कि वे यहां हो रहे घटिया निर्माण कार्यों की पोल मुख्यमंत्री के सामने न खोल दें।
गोरखगिरि में 3 महीने पहले लगी गोरखनाथ की मूर्ति टूटी निर्माण में भ्रष्टाचार की खुली पोल
