महोबा में मूंगफली बीज वितरण में कथित अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच की मांग, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री से सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता सीमा पटनाहा राजपूत ने किसानों का पक्ष रखा

महोबा, 3 अगस्त। जनपद महोबा में मूंगफली बीज वितरण में कथित अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के मामला अब्दुल पकड़ने लगा है। महोबा विधायक राकेश गोस्वामी और चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत पहले ही पत्र लिख जांच की मांग कर चुके हैं। अब केंद्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा महोबा के जिलाध्यक्ष प्रदीप मिश्रा द्वारा भेजे गए पत्र का सीमा पटनहा राजपूत ने संज्ञान लेते हुए  केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं एवं शिकायतों से विस्तार से अवगत कराया।

शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद में कृषि विभाग द्वारा एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) के माध्यम से संचालित मूंगफली बीज वितरण कार्यक्रम में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं। पत्र के अनुसार पात्र किसानों को समय पर एवं निर्धारित मात्रा में बीज उपलब्ध नहीं कराया गया, जबकि कई किसानों को बार-बार कृषि विभाग एवं एफपीओ कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। इसके बावजूद उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बीज वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा तथा कुछ स्थानों पर किसानों से अवैध धनराशि वसूले जाने जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं। आरोप है कि वितरण प्रक्रिया में मनमानी के कारण अनेक पात्र किसान सरकारी योजना से वंचित रह गए, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ सरकार की किसान कल्याण योजनाओं की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा हुआ है।

नई दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान अधिवक्ता सीमा पटनाहा राजपूत ने केंद्रीय मंत्री भगीरथ चौधरी को बताया कि किसानों से लगातार प्राप्त शिकायतें इस बात का संकेत हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने आग्रह किया कि यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति की भूमिका जांच में सामने आती है तो उसके विरुद्ध विधिसम्मत एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों का विश्वास शासन की योजनाओं पर बना रहे। बैठक के दौरान केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से तथ्यात्मक रिपोर्ट प्राप्त करने तथा आवश्यकतानुसार जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार पाया जाता है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अधिवक्ता सीमा पटनाहा राजपूत  ने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि कई किसानों को बार-बार कृषि विभाग और एफपीओ कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद मूंगफली बीज उपलब्ध नहीं कराया गया, जबकि अपात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एजेंसी अथवा वरिष्ठ अधिकारियों से जांच कराकर दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री से प्रभावित किसानों को न्याय दिलाने तथा भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का भी अनुरोध किया है। शिकायत की प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।

महोबा के किसानों ने भी उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार के स्तर पर मामले के संज्ञान में आने से मूंगफली बीज वितरण में हुई कथित अनियमितताओं का शीघ्र खुलासा होगा तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

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