कानपुर नगर। वर्षों से खूनी सड़क बनी टिकरा-सुरार मार्ग के लिए ग्रामीणों की ऐतिहासिक लड़ाई आखिरकार जीत में बदल गई। राजवर्धन फाउंडेशन के संस्थापक साकेत सेंगर की अगुवाई में चले शांतिपूर्ण जन आंदोलन, सड़क जाम और चूल्हा-चौका सत्याग्रह के बाद आखिरकार प्रशासन झुका और लोक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण का आदेश जारी कर दिया। कार्यालय अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड-1, लोनिवि, कानपुर नगर द्वारा दिनांक 16.09.2026 को जारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है। राजवर्धन फाउंडेशन के संस्थापक साकेत सेगर के द्वारा किए गए जन आंदोलन को देखते हुए अधिशासी अभियंता इं० नीलम देवी ने ठेकेदार को निर्देशित किया कि तत्काल मोटरेबल बनाते हुए यातायात को सुगम बनाया जाए ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। यदि मरम्मत कार्य नहीं कराया जाता है तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। वही साकेत सेंगर ने कहा यह जीत मेरी नहीं, पूरे टिकरा-सुरार के ग्रामीणों की है। हमने किसी पर आरोप नहीं लगाया, बस गांधीवादी तरीके से रघुपति राघव गाते हुए अपनी मांग रखी। आज साबित हो गया कि शांति से लड़ी गई लड़ाई जरूर जीतती है। मैं प्रशासन, लोनिवि और पुलिस का आभार प्रकट करता हूं जिन्होंने हमारी पीड़ा को समझा। वही इस ऐतिहासिक जीत के बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर है। ग्रामीणों ने कहा कि साकेत सेंगर ने जो वादा किया था, वह निभाया। वर्षों बाद हमारी खूनी सड़क अब जीवन की सड़क बनेगी।
राजवर्धन फाउंडेशन की मुहिम रंग लाई, साकेत सेंगर का संघर्ष जीता – टिकरा-सुरार खूनी सड़क के निर्माण का आदेश जारी, ग्रामीणों में जश्न
