विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप, किसान के खेत में जेसीबी से जबरन खुदाई कर बनाया रास्ताप्रधान-सचिव की मिलीभगत से फर्जी कार्य दिखाकर सरकारी धन हड़पने का आरोप
जगदीश श्रीवास्तव।
हमीरपुर। राठ सरकारी योजनाओं के तहत कराए जा रहे विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और निजी जमीन पर जबरन खुदाई किए जाने का मामला सामने आया है। राठ कोतवाली क्षेत्र की कैथी ग्राम पंचायत के बदनपुरा गांव में एक किसान ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर मिलीभगत कर उसकी कृषि भूमि पर जेसीबी मशीन से जबरन खुदाई करवाने और फर्जी कार्य दर्शाकर सरकारी धनराशि का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। किसान का कहना है कि खुदाई के दौरान खेत की बंधिया भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे उसे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। विरोध करने पर आरोपियों द्वारा गाली-गलौज और हत्या की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।गौहानी गांव निवासी किसान आशुतोष गुप्ता पुत्र स्वर्गीय अमृत लाल ने रविवार को बताया कि कैथी ग्राम पंचायत के बदनपुरा मौजा स्थित गाटा संख्या 146/1 में उनकी और उनके परिजनों की कृषि भूमि है। इसी जमीन पर खेती करके उनके परिवार का भरण-पोषण होता है। आरोप है कि 24 अक्टूबर 2026 को जी राम जी योजना के तहत सरकारी धनराशि का दुरुपयोग करने के उद्देश्य से उनकी निजी जमीन पर जेसीबी मशीन चलवाकर जबरन मिट्टी की खुदाई की गई और रास्ता बना दिया गया। साथ ही खेत की मिट्टी को रोकने के लिए बनाई गई निजी बंधिया को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।पीड़ित किसान के मुताबिक, जब वह मौके पर पहुंचा और जमीन पर हो रहे कार्य का विरोध किया, तो बिना नंबर की जेसीबी मशीन पर मौजूद ठेकेदार और उसके साथियों ने उसके साथ गाली-गलौज की तथा हत्या करने की धमकी दी। किसान का आरोप है कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की मिलीभगत से योजना के तहत फर्जी कार्य दर्शाकर सरकारी धनराशि हड़पने की कोशिश की गई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।आशुतोष गुप्ता ने बताया कि उन्होंने मामले की शिकायत राठ कोतवाली में तहरीर देकर की है, लेकिन उनके अनुसार अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने संबंधित दरोगा पर भी आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।मामले में राठ कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी। अब देखना होगा कि किसान की शिकायत पर जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है और विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।
