शरद पूर्णिमा पर बृज की रसोई की सेवा से महका मानवता का आँगन

आशियाना में जरूरतमंदों के बीच भोजन एवं विशेष प्रसाद वितरण, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक पहुँची सेवा की सौगात : जालिम सिंह भोजन के साथ सम्मान और अपनत्व का संदेश : विपिन शर्मा आस्था से जनसेवा तक, बृज की रसोई का संकल्प।

बलवंत सिंह।

लखनऊ। शरद पूर्णिमा के अवसर पर इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी (रजि.) के सेवा प्रकल्प बृज की रसोई द्वारा रविवार को आशियाना में जरूरतमंदों, बच्चों, बुजुर्गों एवं श्रमिकों को निःशुल्क पौष्टिक भोजन प्रसाद वितरित किया गया। बाबा नीम करौली महाराज जी की कृपा एवं आशीर्वाद को समर्पित इस सेवा अभियान का उद्देश्य पर्व की खुशियों को समाज के वंचित वर्गों तक पहुँचाना रहा।बाबा नीम करौली जी की कृपा आशीर्वाद को समर्पित इस आयोजन में लगभग 2 हजार असहाय, निराश्रित, जरूरतमंद परिवारों, बच्चों, बुजुर्गों और श्रमिकों तक सब्जी चावल बूँदी का भोजन प्रसाद पहुँचाया गया। आयोजन का संदेश स्पष्ट रहा पर्व की सार्थकता तभी बढ़ती है, जब उसकी खुशियों में समाज के उन लोगों को भी शामिल किया जाए, जिनके लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन जाता है।संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा ने कहा कि सेवा का उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को सम्मान और अपनत्व का एहसास कराना भी है। संस्था का संकल्प है कि कोई जरूरतमंद भूखा न सोए। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से सेवा कार्यों में सहभागिता की अपील करते हुए सहयोगियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।विपिन शर्मा ने कहा आज श्रीरामकथा ज्ञानयज्ञ समारोह समिति, सेक्टर-आई, एल.डी.ए. कॉलोनी, कानपुर रोड, लखनऊ में कथा व्यास भागवत भूषण एवं मानस शिरोमणि आचार्य पं० रजनीश अग्निहोत्री जी महाराज (जसोदा, कन्नौज) सहित समस्त सहयोगी आचार्यों को श्रद्धापूर्वक भोजन कराकर तथा पूज्य बाबा नीम करौली महाराज जी की प्रतिमा एवं अंगवस्त्र भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त करना हमारे लिए केवल सम्मान का क्षण नहीं, बल्कि संत-सेवा, श्रद्धा और समर्पण के उस पावन भाव की अनुभूति है, जहाँ सेवा ही साधना और संतों का सान्निध्य ही जीवन का परम सौभाग्य बन जाता है।कार्यक्रम के संचालन में जालिम सिंह, दीपक भुटियानी, संजय श्रीवास्तव, अनुराग दुबे, बलवंत सिंह, नवलेश सिंह, विकास पाण्डेय, अखिलेश सिंह, मुकेश कनौजिया, उमाशंकर यादव सहित अनेक स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

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