लाल परेड मैदान में पूज्य रावतपुरा सरकार के सान्निध्य में ऐतिहासिक हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन अनुष्ठान; 11 हजार वेदपाठी ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कराया मां का अर्चन, हजारों श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया आशीर्वाद और प्रसाद
रवीन्द्र त्रिपाठी।
भोपाल। शरद पूर्णिमा की पावन बेला पर राजधानी भोपाल का लाल परेड मैदान भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा के अद्भुत संगम का साक्षी बना। पूज्य संत शिरोमणि श्री रावतपुरा सरकार के पावन सान्निध्य में आयोजित मां राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन अनुष्ठान में हजारों श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ सहभागिता कर मां के चरणों में अर्चन किया। वैदिक मंत्रों की गूंज, आस्था से जुड़े भक्तों की उपस्थिति और एक साथ प्रज्ज्वलित हजारों दीपों की दिव्य आभा ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक चेतना से आलोकित कर दिया। श्रद्धालुओं ने मां राजराजेश्वरी की आराधना के साथ पूज्य रावतपुरा सरकार के दर्शन कर उनका शुभाशीर्वाद और प्रसाद प्राप्त किया।इस भव्य धार्मिक आयोजन का प्रमुख आकर्षण 11 हजार वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधान से संपन्न कराया गया मां राजराजेश्वरी का हरिद्रार्चन रहा। वैदिक परंपराओं और धार्मिक अनुष्ठानों के अनुरूप मंत्रोच्चार के बीच मां की आराधना ने श्रद्धालुओं को भक्ति के भाव से जोड़ दिया। हजारों प्रज्ज्वलित दीपों से सजा अनुष्ठान स्थल मानो दिव्यता की अनुपम छटा बिखेर रहा था। दीपों की स्वर्णिम आभा और मां की आराधना में लीन श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ने इस आयोजन को स्मरणीय बना दिया।*वैदिक मंत्रों और दीपों की दिव्य आभा से गुंजायमान हुआ लाल परेड मैदान*अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति और मन में मां राजराजेश्वरी के प्रति समर्पण का भाव स्पष्ट दिखाई दिया। एक ओर हजारों दीपों की जगमगाहट वातावरण को अलौकिक बना रही थी, तो दूसरी ओर वेदपाठी ब्राह्मणों के मंत्रोच्चार से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में अर्चन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की। आयोजन ने धार्मिक परंपराओं, सामूहिक उपासना और भारतीय वैदिक संस्कृति की जीवंत छवि प्रस्तुत की।*पूज्य रावतपुरा सरकार के अमृत वचनों से श्रद्धालुओं को मिला आध्यात्मिक संबल*इस अवसर पर पूज्य संत श्री रावतपुरा सरकार के अमृत वचनों और शुभाशीर्वाद ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक प्रेरणा प्रदान की। भक्तों ने गुरुदेव के दर्शन कर स्वयं को धन्य अनुभव किया और मां राजराजेश्वरी की कृपा के लिए प्रार्थना की। संत के सान्निध्य में संपन्न इस अनुष्ठान ने श्रद्धालुओं को भक्ति, श्रद्धा और सद्भाव के सूत्र में जोड़ने का संदेश दिया।*भोपाल की धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना के लिए बना यादगार अवसर*भोपाल में आयोजित इस अनुष्ठान को अपनी भव्यता, व्यापक जनभागीदारी और वैदिक स्वरूप के कारण विशेष महत्व का आयोजन बताया गया। श्रद्धालुओं की बड़ी उपस्थिति ने मां राजराजेश्वरी के प्रति लोगों की गहरी आस्था को प्रदर्शित किया। आयोजन से जुड़ी श्रद्धा और उत्साह ने राजधानी के धार्मिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान की।मां राजराजेश्वरी की आराधना और पूज्य रावतपुरा सरकार के आशीर्वाद के साथ संपन्न यह अनुष्ठान श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति का विशेष अवसर बना। भक्तों ने मां से जनकल्याण, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। आस्था के दीपों से जगमगाता लाल परेड मैदान इस संदेश का प्रतीक बना कि जब श्रद्धा, साधना और सामूहिक उपासना एक साथ आती हैं, तो वे समाज में सकारात्मकता, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संचार करती हैं।
