विधायक ने की महोबा में सरकारी कर्मचारियो से मार पीट, विभागीय अधिकारियों ने सौंपा जिलाधिकारी को ज्ञापन।

महोबा प्रकरण को लेकर कृषि अधिकारियों-कर्मचारियों में आक्रोश, विधायक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग चरखारी में कर्मचारियों से कथित मारपीट और अभद्रता का मामला, प्रेमनारायण की मौत की सीबीआई जांच कराने की उठाई मांग

संदीप धुरिया।

हमीरपुर। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति कृषि अधिकारी एवं कर्मचारी वेलफेयर सोसाइटी ने जनपद महोबा के चरखारी में कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज, सार्वजनिक रूप से अपमानित करने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोपों को गंभीर बताते हुए जिलाधिकारी हमीरपुर को ज्ञापन सौंपा है। सोसाइटी ने चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने और पूर्व कर्मचारी प्रेमनारायण की मृत्यु की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।ज्ञापन में कहा गया है कि राजकीय कृषि बीज भंडार चरखारी के प्रभारी सोनू सिंह यादव और उपसंभागीय कृषि प्रसार अधिकारी कार्यालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राधेश्याम साहू के साथ कथित दुर्व्यवहार किया गया। सोसाइटी के अनुसार, बीज वितरण और कृषि रक्षा रसायनों का वितरण निर्धारित प्रक्रिया, ऑनलाइन बुकिंग तथा पात्रता के आधार पर किया जाता है। इसके बावजूद कर्मचारियों पर नियमविरुद्ध मांगें पूरी करने का दबाव बनाए जाने और मांग पूरी नहीं होने पर शिकायतें कराए जाने की बात सामने आई है।ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध प्राथमिकी संख्या 0225/26 दिनांक 22 अक्टूबर 2026 को दर्ज कराई गई है। सोसाइटी ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय हो सके।ज्ञापन में वर्ष 2018 में भूमि संरक्षण इकाई चरखारी में कार्यरत रहे अनुसूचित जाति के कर्मचारी प्रेमनारायण का मामला भी उठाया गया है। सोसाइटी के मुताबिक, उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज होने, गिरफ्तारी और निलंबन के बाद 12 दिसंबर 2018 को उनकी मृत्यु हो गई थी। संगठन ने आरोपों और घटनाक्रम की जांच कराते हुए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कहा है कि कर्मचारी की मृत्यु से जुड़े तथ्यों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जानी चाहिए ज्ञापन में हमीरपुर जिले के मौदहा क्षेत्र में कृषि विभाग के बीज गोदाम और कृषि रक्षा इकाइयों के प्रभारियों पर कथित दबाव बनाए जाने तथा गलत शिकायतों के माध्यम से मानसिक और आर्थिक शोषण किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है। इसके अतिरिक्त ग्राम कुन्हेटा में 10 जून 2026 को आयोजित ग्राम चौपाल के बाद ग्राम विकास अधिकारी राजू सिंह पटेल की मृत्यु का उल्लेख करते हुए बताया गया कि इस मामले में उनके परिजनों की ओर से 15 जून 2026 को प्राथमिकी संख्या 202/26 दर्ज कराई गई थी। सोसाइटी ने इस प्रकरण की भी समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।संगठन ने स्पष्ट किया कि कृषि विभाग में बीज वितरण, कृषि रक्षा रसायनों के आवंटन अथवा भूमि संरक्षण योजनाओं में किसी प्रकार की अनियमितता होने पर जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का वह विरोध नहीं करता। हालांकि, बिना जांच के कर्मचारियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने, धमकाने या उनके साथ मारपीट करने जैसी घटनाओं पर रोक लगना जरूरी है। सोसाइटी ने जिलाधिकारी से सभी मामलों की निष्पक्ष जांच, संबंधित कर्मचारियों की सुरक्षा और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की है।

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