जन सूचना अधिकार में मिली सूचना में हुआ खुलासा
बड़ागांव के विकास कार्यों की हुई थी जांच
भरुआ सुमेरपुर। जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत शिकायतकर्ता को मिली जांच रिपोर्ट में जिलाधिकारी द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच टीम ने बड़ागांव प्रधान के साथ पंचायत सचिव,अवर अभियंता लघु सिंचाई, कंसलटिंग इंजीनियर के साथ पर्यवेक्षणीय दायित्व का निर्वहन न करने वाले सहायक विकास अधिकारी (पंचायत)को भी दोषी ठहराया है।
बड़ागांव निवासी शिकायत कर्ता रमेश निषाद ने जन सूचना अधिकार के तहत मिली सूचना के आधार पर बताया कि जांच टीम ने जांच आख्या में बताया है कि जांच के दौरान पाया कि विकास कार्यों में टेंडर,निविदा, कोटेशन प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया गया है। मापांकन में गड़बड़ियों के लिए अवर अभियंता,लघु सिंचाई के साथ कंसलटिंग इंजीनियर दोषी हैं। वित्तीय नियमों का अनुपालन न करने पर पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान दोषी हैं। जांच के समय दो कार्यों की पत्रावली मुहैया न करने के लिए तत्कालीन प्रधान सचिव को दोषी माना गया है। प्रधान के पारिवारिक सदस्यों के नाम लगभग सभी कार्यों में कुशल एवं अकुशल श्रमिक के नाम पर भुगतान निकाला जाना जांच टीम को संदेहास्पद लगा है। भुगतान की पत्रावलियों में जिन कर्मियों के हस्ताक्षर हैं। वित्तीय अनुपालन न करने पर सभी को जांच टीम ने दोषी माना है।
