रियल मीडिया न्यूज नेटवर्क/कानपुर। सच में उदाहरण सहित अगर देखा जाये तो समाजवादी पार्टी पर जातिवादी राजनीति करने का झूठा अरोप लगाने वाली भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी जातिवादी सोच की है जगह-जगह पर भाजपा की जातिवादी राजनीति की वजह से समाज में भेद-भाव बढ़ रहा है और आपसी सामंजस्य प्रभावित हो रहा है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण और उदाहरण यही है कि यूपी में मुख्यमंत्री के साथ दो उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति की गई है। जाति विशेष का होने के अलावा और इन दोनों उपमुख्यमंत्रियों में और ऐसी क्या काबिलियत है जिसकी वजह से इस पद पर बैठे हैं। यह बात महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी रहे युवा समाजवादी नेता मनोज कुमार शुक्ल बबलू ने एक भेंट में कहीं। मनोज कुमार शुक्ल ने कहा कि जाति एक सच्चाई है, लेकिन जाति के आधार पर कोई काम करना खास कर राजनीति करना कांग्रेस के बाद भारतीय जनता पार्टी ने ही शुरू किया था। याद कीजिए कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शपथ ली तो उसके तुरन्त बाद खुद को पिछड़ा वर्ग का होने की दुहाई दी। यूपी में जातिवादी कार्ड चल कर भारतीय जनता पार्टी समाज में वैमनस्य पैदा कर रही है। यही हाल वंशवाद और परिवारवाद का है। समाजवादी पार्टी व अन्य दलों पर परिवारवाद का आरोप लगाकर बरगलाने का काम भाजपा ने लगातार किया। अब हालत यह है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में परिवारवाद व वंशवाद शत प्रतिशत मौजूद है कहीं भी उठाकर देख लीजिए। किसका उदाहरण दिया जाये। राजनाथ सिंह, स्वर्गीय कल्याण सिंह से लेकर ग्राम प्रधान तक के चुनाव में भाजपा में परिवारवाद खुल्लम-खुल्ला दिखाई दे रहा है। जनता के बीच भाजपा इस मुददे पर बेनकाब हो चुकी है। इसी लिए अब इनके मुंह पर ताला लग गया है। भाजपा की जातिवादी राजनीति का पर्दाफाश होने की वजह से जनता के सामने अब इनका मुंह नहीं खुल रहा है। समाजवादी पार्टी तो समाजवाद के सिद्धांत पर चलती है। वह जो कुछ कहती है डंके की चोट पर पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यक वर्ग जो अभी तक हाशिये पर है उनके लिए संघर्ष करती है करती रहेगी। यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी जिसकी वजह से अन्य दल घबराये हुए हैं।
यूपी में सपा का बोलबाला देख घबराई हुई है भाजपाः मनोज कुमार शुक्ल बबलू
