एन के यादव
हमीरपुर। सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने को लेकर अज्ञात द्वारा गांव से बाहर बने मंदिर में मूर्ति को तोड़कर बजरंग बली के मुंह में कालिख पोत दी। सूचना पर पुलिस ने जांच की और ग्रामीणों के सहयोग से मरम्मत आदि करवा दी गयी।
बिवांर थाना क्षेत्र के बिगहना गांव से करीब पांच सौ मीटर दूर चकदहा मौजा में आस्था के केंद्र गोसाईं बाबा का मंदिर स्थित है। जिसमें बिगहना गांव सहित आस पास के लोग पूजा अर्चना करते हैं। मंदिर में भरखरी गांव का पुजारी बलदेव पुत्र बुद्दा पूजा अर्चना का कार्य करता है। परंतु खेती बाड़ी का कार्य देखने के लिए करीब एक माह पहले वह गांव चला गया था। मंगलवार को गांव का शीलू मंदिर में गया, जहां चबूतरा में बने नाग देवता की मूर्ति को छिन्न-भिन्न कर देने व बगल में स्थापित बजरंग बली की मूर्ति के चेहरे पर कालिख लगी होने की सूचना उसने वापस गांव आकर दी। तब गांव वालों ने मूर्ति खंडित कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की शिकायत कर कुनहेटा चौकी प्रभारी रवींद्र कुमार को तहरीर सौंपी। मामला कोतवाली मौदहा में होने की बात जानकर राजकुमार पुत्र बच्चीलाल ने ग्रामीणों के साथ जाकर मौदहा कोतवाली में तहरीर दी है। ग्राम प्रधान सोहेल अहमद ने बताया कि एक दो दिन पहले पागल युवक मंदिर के आस पास घूमता दिखाई दिया है। उसी ने ऐसा कार्य किया होगा।
मौदहा कोतवाली प्रभारी ने बताया कि गत 31 मार्च को चकदहा मौजा स्थित गोसाई बाबा आश्रम में स्थापित समाधि के ऊपर बनी सीमेंट की नाग देवता की प्रतिमा टूटी हुई पाई गई तथा चबूतरे पर रखे कुछ पिंडी नुमा पत्थर इधर-उधर बिखरे हुए मिले। साथ ही मंदिर में स्थापित बजरंगबली की प्रतिमा के चेहरे पर दीये की कालिख लगी हुई पाई गई। सूचना पर पुलिस ने जांच की। ग्रामवासियों एवं मीरा बाई (जो पूर्व में मंदिर में साध्वी के रूप में पूजा करती थीं) ने बताया है कि घटना से पूर्व एक अज्ञात विक्षिप्त व्यक्ति आश्रम के गेट के पास बैठा हुआ देखा गया था। अब मंदिर समिति के अध्यक्ष दुल्लीचंद पुत्र छोटेलाल तथा ग्रामीणों द्वारा आपसी सहयोग से टूटी हुई नाग देवता की प्रतिमा को पुनः बनवा दिया गया है। बजरंगबली की प्रतिमा को सिंदूर से पुनः सुशोभित कर दिया गया तथा चबूतरे पर सभी पिंडी नुमा पत्थरों को पूर्ववत स्थापित करा दिया गया है।
मंदिर में मूर्ति क्षतिग्रस्त करने पर पुलिस के हस्तक्षेप से मूर्ति की मरम्मत आदि कर किया पटाक्षेप
