लखनऊ। बरेली में बुधवार रात करीब 10 बजे 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली तेज आंधी और बारिश ने शहर से लेकर देहात तक भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा से शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। आंधी के कारण दो सौ से अधिक पेड़ गिर गए। 125 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। आंधी का सबसे ज्यादा असर शहर की बुनियादी सुविधाओं पर पड़ा। शाहजहांपुर सड़क पर स्थित भारत पेट्रोल पंप की छत उड़ गई। पीलीभीत बाइपास पर पासपोर्ट कार्यालय के सामने लगा विज्ञापन बोर्ड भी झुक गया। पीलीभीत बाइपास पर एक बरातघर का गेट टूट गया और श्यामगंज में एक छत गिर गई। मलूकपुर इलाके में छत पर लगा सौर ऊर्जा पैनल भी उड़ गया। ट्यूलिप टावर के बाहर बिजली का पोल गिरा। सेटेलाइट, लाल फाटक और अवैद्यनाथ द्वार पर भी कई पेड़ गिरे। सड़क पर पेड़ गिरने से सुरेश शर्मा नगर और रोहिलखंड चिकित्सा महाविद्यालय सड़क पर आवागमन बाधित रहा। इस दौरान एक ऑटो चालक घायल हो गया। शहर में एडीजी कार्यालय के बाहर सड़क पर पेड़ गिर गया। सीबीगंज थाने में भी पेड़ गिरने से एक सिपाही की बुलेट मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गई। पीलीभीत बाइपास, बदायूं सड़क और नैनीताल राजमार्ग सहित कई स्थानों पर यूनिपोल भी गिर गए। मौसम विभाग ने रुहेलखंड क्षेत्र के लिए शनिवार तक तेज हवा के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इससे क्षेत्र के तापमान में कमी आने की संभावना है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ अतुल कुमार ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से 13 जून तक तेज हवाएं चलेंगी। अनुकूल माहौल बनने पर आगे भी बारिश की संभावना है। इससे पारे में पांच से सात डिग्री की प्रभावी कमी आ सकती है, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी। बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 40.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान एक डिग्री अधिक 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बरेली में आंधी से पेट्रोल पंप की छत उड़ी, सैकड़ों खंभे और पेड़ गिरे; तस्वीरों में देखें तबाही
