कृष्ण कुमार द्विवेदी
महोबा। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में की जाने वाली शिकायतों का निस्तारण अधिकांश विभाग फर्जी ढंग से समस्या समाधान कर आवेदन पत्र को खारिज कर देते हैं। हालांकि जिलाधिकारी महोबा ने बीते हफ्ते मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में की जा dxने वाली शिकायतों के निस्तारण की देरी पर करीब एक दर्जन विभागों पर वेतन रकने की कार्रवाई की थी।
उल्लेखनीय है कि समस्याओं को लेकर ग्रामीणों के द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन/डैशबोर्ड में ऑनलाइन या दूरभाष पर शिकायत दर्ज कराई जाती है। और शिकायत दर्ज होने के निर्धारित अवधि 20 दिन के भीतर समस्या निस्तारण करने के साथ ही शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लिया जाता है। लेकिन अधिकांश शिकायतें शिकायतकर्ता की बिना सहमति के फर्जी ढंग से ऑन पेपर निस्तारण दिखा दिया जाता है। ऐसा ही कई मामले महोबा जिले के लोक निर्माण विभाग में देखने को मिले हैं। हमीरपुर और महोबा के बॉर्डर में बसे ग्रामीणों ने बताया कि पून्निया गांव के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे क अंडर पास से पीडब्ल्यूडी की सड़क निकली है जिसमें बरसात में जल भराव होता है जो 4 से 5 महीने तक भरा रहता है। इस समस्या से ग्रसित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में कई बार शिकायत की थी समस्या समाधान तो नहीं कराई गई अलबत्ता निस्तारण का भरोसा देकर फर्जी ढंग से समस्या समाधान की रिपोर्ट लगाकर आवेदक को निरस्त कर दिया गया ऐसे कई अन्य मामले अधिकांश विभागों में देखने को मिलते हैं। हालांकि ऐसी शिकायतों के मिलने पर जिलाधिकारी गजल भारद्वाज मेंबीते दिनों कई विभागों पर कार्रवाई करते हुए वेतन रोक दिया था। इस समस्या समाधान के लिए क्षेत्र के सैकड़ो ग्रामीणों ने जिले की जनप्रतिनिधियों को भी कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया है।
