राहुल कुमार | जिला संवाददाता, रियल मीडिया नेटवर्क
उरई, जालौन।आगामी लोकसभा व विधानसभा निर्वाचनों को ध्यान में रखते हुए जनपद जालौन में मतदेय स्थलों के पुनर्समायोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का उद्देश्य मतदान को सुगम, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में जनपद की कालपी, माधौगढ़ और उरई तीनों विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। डीएम ने बताया कि अभी जनपद में कुल 1,624 मतदेय स्थल हैं। निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुसार इसे घटाकर 1,571 किया जाना प्रस्तावित है। डीएम ने स्पष्ट किया कि बदलाव करते समय 3 बिंदु अनिवार्य रहेंगे: दूरी किसी भी मतदाता को बूथ तक पहुंचने में 2 किलोमीटर से अधिक दूरी न तय करनी पड़े। सुरक्षा सभी मतदेय स्थल पक्के, सुरक्षित और पर्याप्त जगह वाले भवनों में बनाए जाएंगे। सुविधा दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए रैंप व बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन के अनुसार 4 जुलाई 2026 को मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची सार्वजनिक की जाएगी। इस पर सभी राजनीतिक दलों को 13 जुलाई 2026 तक अपने लिखित सुझाव और आपत्तियां देनी होंगी। डीएम ने कहा कि प्राप्त सुझावों के बाद अंतिम सूची को निष्पक्ष और सर्वसम्मत आधार पर तैयार कर निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। बैठक में सभी दलों ने मतदाता सुविधा को प्राथमिकता देने के प्रशासनिक प्रस्ताव का स्वागत किया। दलों ने भरोसा दिलाया कि वे 13 जुलाई तक जमीनी स्तर पर जांच कर अपने सुझाव देंगे।
मतदाता सूची का पुनर्समायोजन शुरू, मतदेय स्थलों की संख्या 1624 से घटकर 1571 होगी
