राहुल कुमार
उरई/जालौन। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर उरई तहसील सहित पूरे प्रदेश में लेखपालों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपालों ने आज से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार लेखपालों की मुख्य मांगे हैं – वेतन विसंगति दूर करना, ग्रेड पे 2800 करना, अतिरिक्त हल्कों/सर्किल का चार्ज खत्म करना, अंतरमंडलीय ट्रांसफर, पदोन्नति और संसाधन उपलब्ध कराना। लंबे समय से मांगों पर सुनवाई न होने से नाराज लेखपालों ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है।आज 3 अक्टूबर को उरई तहसील सहित सभी तहसीलों में लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का पूर्ण बहिष्कार किया है। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन कर एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जा रहा है। 8 अक्टूबर को सभी लेखपाल प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ देंगे और आय, जाति, निवास, वरासत, किसान रजिस्ट्री जैसे सभी ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार करेंगे।10 अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे।17 से 23 अक्टूबर तक सुबह 10 से शाम 4 बजे तक तहसीलों में पूर्ण कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन होगा।मांगे न मानी गईं तो 24अक्टूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी।कार्य बहिष्कार के चलते तहसील में आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, भूमि नाप-जोख, वरासत दर्ज कराने जैसे सैकड़ों काम रुक गए हैं। दूर-दराज से आए किसानों और फरियादियों को बिना काम के ही लौटना पड़ रहा है।लेखपाल संघ का कहना है कि जब तक सरकार उनकी न्यायोचित मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा।
