बीमारी से पहले ही पता चलेगा दिल का हाल – आयुर्वेद, होम्योपैथी और पंचकर्म से होगा इलाज
पीयूष त्रिपाठी
लखनऊ।कानपुर के LPS इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी (हृदय रोग संस्थान) में चिकित्सा इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने वाला है। संस्थान में तीन मंजिला ‘प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी ब्लॉक’बनकर पूरी तरह तैयार हो गया है और दिसंबर से इसे शुरू करने की तैयारी है। संस्थान के निदेशक प्रो. राकेश वर्मा का दावा है कि यह देश का पहला प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी ब्लॉक होगा। क्या है खास इस ब्लॉक में? इस ब्लॉक की सबसे बड़ी खासियत ‘जीन स्टडी’ होगी, जो समय से पहले दिल की बीमारियों की पहचान कर उनकी रोकथाम करेगी। लक्ष्य: कानपुर और आसपास के जिलों से हर साल आने वाले करीब 1 लाख हार्ट अटैक के मामलों में भारी कमी लाना। निदेशक ने बताया कि वर्तमान में खराब जीवनशैली और तनाव के कारण हृदय रोगों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।इलाज का नया मॉडल: इस ब्लॉक में आधुनिक एलोपैथिक दवाओं के साथ-साथआयुर्वेद, होम्योपैथी, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, ध्यान और पंचकर्म जैसी पारंपरिक पद्धतियों से दिल के मरीजों का इलाज और देखभाल की जाएगी।
जीन स्टडी के फायदे:
रोग की गंभीरता परिवार के सदस्यों में नहीं आएगी, रोग जेनेटिक है या लाइफस्टाइल की गड़बड़ी से, पता चलेगा, आनुवंशिक दवा खाने से होने वाले नुकसान का पता चलेगा, बीपी, डायबिटीज और मोटापे को समय पर रोका जा सकेगा।
रोग की गंभीरता बढ़ने से पहले ही रोकी जा सकेगीजानकारी देते हुए डा. संतोष सिन्हा, डा. अवधेश शर्मा, निदेशक डा. राकेश वर्मा व डा. उमेश्वर पांडेय व निदेशक प्रो. राकेश वर्मा ने बताया कि प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी चिकित्सा विज्ञान की वह शाखा है, जो दिल की बीमारियों को होने से पहले ही रोकने में मददगार साबित होगी। नए ब्लॉक में योग, ध्यान, आयुर्वेद, होम्योपैथिक व आहार की मदद से दिल की बीमारियों की रोकथाम की जाएगी। यह हार्ट अटैक व ब्लॉकेज के खतरे से पहले ही उनकी पहचान कर बीमारियों के लक्षण के आधार पर उपचारित करने में मददगार साबित होगी। उन्होंने बताया कि संपूर्ण आनुवंशिक कोड (जीनोम) स्टडी की मदद से हृदय रोग के साथ बीपी, डायबिटीज, लिवर, गुर्दा और अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों में रोग के अगली पीढ़ी में प्रसार की संभावना को तलाशा जाएगा। कानपुर में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं। ऐसे में यह ब्लॉक (Prevention) पर जोर देगा, जो उत्तर प्रदेश के लिए एक नया मॉडल बन सकता है।
कानपुर के हृदय रोग संस्थान में देश का पहला प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी ब्लॉक तैयार, दिसंबर से शुरू होगा
