संदीप धुरिया।
हमीरपुर। हमीरपुर में अस्थायी आतिशबाजी दुकानों के लिए सुरक्षा मानक अनिवार्य, अग्निशमन उपकरण और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था के निर्देश; रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखे चलाने पर प्रतिबंधहमीरपुर। दीपावली के त्योहार को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने आतिशबाजी के भंडारण, बिक्री और उपयोग को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अस्थायी पटाखा दुकानों के संचालन में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) श्रीमती रिजवाना शाहिद ने उप जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि आतिशबाजी की दुकानों एवं भंडारण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। इन निर्देशों का उद्देश्य आगजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के साथ ही आमजन की सुरक्षा बनाए रखना है।अस्थायी दुकानों के बीच तीन मीटर की दूरी जरूरीप्रशासन के निर्देशों के अनुसार, विस्फोटक नियमों के प्रावधानों के तहत अस्थायी पटाखा दुकानों और शेड का निर्माण अज्वलनशील सामग्री से कराया जाएगा। दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर तथा सुरक्षित कार्यस्थलों से कम से कम 50 मीटर की दूरी बनाए रखने का प्रावधान बताया गया है। दुकानें एक-दूसरे के आमने-सामने नहीं बनाई जाएंगी और एक समूह में अधिकतम 50 दुकानों की अनुमति होगी।दुकानों के भीतर तेल, गैस, खुली बत्ती और अन्य ज्वलनशील साधनों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। विद्युत उपकरणों को सुरक्षित तरीके से स्थापित करने के साथ प्रत्येक पंक्ति में मुख्य स्विच की व्यवस्था करनी होगी। दुकानों के 50 मीटर के दायरे में पटाखों का प्रदर्शन और परीक्षण नहीं किया जा सकेगा।इसके अलावा, प्रत्येक दुकान समूह में प्राथमिक उपचार की सुविधा, एंबुलेंस और कम से कम दो अग्निशमन वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख स्थानों पर स्थानीय भाषा में चेतावनी बोर्ड लगाना भी अनिवार्य होगा।प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पर रहेगी रोकआतिशबाजी विक्रेताओं को केवल अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त पटाखों की बिक्री करने के निर्देश दिए गए हैं। पटाखों के पैकेट पर निर्माता का नाम और उपयोग संबंधी निर्देश स्पष्ट रूप से अंकित होने चाहिए। निर्धारित मानकों के विपरीत तथा प्रतिबंधित रसायनों से निर्मित आतिशबाजी का भंडारण और बिक्री नहीं की जा सकेगी।निर्देशों के मुताबिक, क्लोरेट युक्त प्रतिबंधित पटाखों को दुकानों में प्रदर्शित करने और बेचने पर रोक रहेगी। नाबालिग बच्चों को वयस्क की उपस्थिति के बिना पटाखे बेचने की अनुमति नहीं होगी। दुकानों में आपातकालीन निकास मार्ग खाली रखने के साथ पर्याप्त अग्निशामक यंत्र, बालू और पानी से भरी बाल्टियां उपलब्ध रखना जरूरी होगा। भंडारण और बिक्री स्थलों के आसपास धूम्रपान तथा खुली आग के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध रहेगा।पटाखे जलाते समय बरतें सावधानीजिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अधिकृत विक्रेताओं से मानक एवं हरित आतिशबाजी ही खरीदें। बच्चों को पटाखे जलाते समय वयस्कों की निगरानी में रखें और पटाखे खुले स्थान पर सुरक्षित दूरी बनाकर जलाएं। आसपास पानी और बालू की व्यवस्था रखें।पटाखों को हाथ में पकड़कर या डिब्बे और अन्य बंद पात्रों के भीतर रखकर नहीं जलाना चाहिए। घरों के अंदर, संकरी गलियों और सार्वजनिक रास्तों पर आतिशबाजी करने से बचें। जो पटाखे नहीं फूटते हैं, उन्हें दोबारा जलाने का प्रयास न करें। ऐसे पटाखों को कम से कम 15 से 20 मिनट तक छोड़ने के बाद सावधानीपूर्वक पानी में डुबोकर सुरक्षित करें।रात 10 बजे के बाद ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखों पर प्रतिबंधप्रशासन ने निर्धारित ध्वनि सीमा और समय का पालन करने पर भी जोर दिया है। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, चार मीटर की दूरी पर 125 डेसीबल से अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखों तथा ध्वनि उत्पन्न करने वाली लड़ियों के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध है। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी।जिला प्रशासन ने नागरिकों और आतिशबाजी विक्रेताओं से नियमों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों को भी निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
