पटेल जयंती पर सियासी मैदान में दिव्या प्रदीप गंगवार का शक्ति प्रदर्शन,

बीसलपुर से बिलसंडा तक गूंजा सामाजिक न्याय का संदेशबाइक यात्रा के बहाने गांव-गांव तक पहुंचाया एकता, समानता और संविधान का संदेश, महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव ने कार्यकर्ताओं के साथ दिखाई संगठनात्मक सक्रियता

पीलीभीत। बीसलपुर की सियासत में अपनी सक्रियता बनाए रखने के लिए समाजवादी पार्टी महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव एवं 130 विधानसभा बीसलपुर की समाजसेवी दिव्या प्रदीप गंगवार ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर सड़कों पर उतरकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। शनिवार को आयोजित ‘लौह पुरुष जन जागरण बाइक यात्रा’ ने बीसलपुर से बिलसंडा तक राजनीतिक और सामाजिक संदेश देने का काम किया। बाइक सवारों के काफिले में युवाओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भागीदारी रही। जगह-जगह हुए स्वागत ने आयोजन को क्षेत्रीय चर्चा का विषय बना दिया।महापुरुषों के विचारों को लेकर सड़कों पर उतरे समर्थकदिव्या प्रदीप गंगवार के कैंप कार्यालय से शुरू हुई यात्रा सरदार वल्लभभाई पटेल पार्क पहुंची। यहां उन्होंने लौह पुरुष की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद बाइक यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए बिलसंडा की ओर रवाना हुई। रास्ते में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों और समर्थकों ने स्वागत किया। यात्रा में शामिल युवाओं का उत्साह भी देखने को मिला।बीसलपुर से बिलसंडा तक पहुंचा सामाजिक न्याय का मुद्दायात्रा का समापन बिलसंडा स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क में हुआ। यहां दिव्या प्रदीप गंगवार ने बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस दौरान संविधान, सामाजिक समानता और सभी वर्गों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया गया।दिव्या प्रदीप गंगवार ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से देश को एकता के सूत्र में बांधने का ऐतिहासिक कार्य किया, जबकि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और सम्मान के अधिकार दिए। दोनों महापुरुषों के विचार आज भी देश और समाज को सही दिशा दिखाते हैं।अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचे अधिकार, तभी सार्थक होगा सामाजिक न्यायउन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक मजबूती तभी संभव है, जब पिछड़े, दलित, शोषित, वंचित और अल्पसंख्यक सहित प्रत्येक वर्ग को बराबरी का अवसर मिले। सामाजिक न्याय केवल मंचों से बोलने का विषय नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी है। संविधान में मिले अधिकारों की रक्षा और आपसी भाईचारे को मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है।जयंती आयोजन के बहाने क्षेत्र में बढ़ाई राजनीतिक सक्रियताबीसलपुर से बिलसंडा तक निकली बाइक यात्रा को दिव्या प्रदीप गंगवार के जनसंपर्क और संगठनात्मक सक्रियता के तौर पर भी देखा जा रहा है। विधानसभा क्षेत्र के शहरी और ग्रामीण इलाकों में कार्यकर्ताओं की भागीदारी के जरिए उन्होंने अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास किया। आयोजन में युवाओं की सहभागिता और जगह-जगह हुए स्वागत ने स्थानीय राजनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दिया।दिव्या प्रदीप गंगवार ने यात्रा में शामिल सभी कार्यकर्ताओं, युवाओं और क्षेत्रीय नागरिकों का आभार जताते हुए कहा कि महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने सामाजिक समानता, सम्मान, भाईचारे और संवैधानिक अधिकारों की आवाज को निरंतर बुलंद रखने का आह्वान किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *