बंद कमरे में मिला जूती कारीगर का शवपिछले दो दिन से बंद था मकान


रियल मीडिया नेटवर्क
भरुआ सुमेरपुर।कस्बे के वार्ड संख्या तीन अंबेडकर नगर के एक बंद मकान से बदबू आने पर लोगों ने पुलिस को सूचित किया। बंद मकान में नागरा जूती का कारीगर अकेले रहता था। पुलिस ने मुख्य गेट तोड़कर अंदर दाखिल हुई। कारीगर बिस्तर के नीचे दीवाल के सहारे टिका हुआ मृत अवस्था में मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेजा है। घटना से मृतक के पुत्रियों को अवगत कराया गया है।
करीब पांच दशक पूर्व फतेहपुर जिले के बहुआ कस्बा निवासी बाबूराम (56) पुत्र सावनी अपने ननिहाल में आकर बस गया था। यह नागरा जूती बनाने का कार्यकर्ता था। रविवार को यह मोहल्ले में सभी को घूमता नजर आया। सोमवार से यह दिखाई नहीं दिया। मंगलवार को दोपहर बाद मकान में तेज बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। घटना की सूचना पाकर थानाध्यक्ष अनूप सिंह, एसआई सुरेंद्र यादव, आरक्षी दिलीप कुमार के साथ मौके पर पहुंचे और मकान का मुख्य दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए। बाबूराम बिस्तर से कुछ दूर दीवार के सहारे नंगे बदन टिका हुआ था। पास में ही खून की उल्टी पड़ी हुई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेजा है। घटना की सूचना मृतक की पुत्रियों को दी गई है। मृतक के मामा रामलाल वर्मा ने थानाध्यक्ष को बताया कि मृतक की पत्नी चुन्नी देवी की मौत पांच वर्ष पूर्व हो चुकी है। मृतक की दो संताने उमादेवी एवं गीता देवी हैं। उमा देवी असम में रहती है। जबकि छोटी पुत्री गीता देवी शिक्षिका है और अपनी ससुराल बिंदकी फतेहपुर में रहती है। मृतक अपनी बड़ी पुत्री उमा देवी की मकान में अकेले रहता था। मामा ने बताया कि मृतक आस्थमा रोगी था। शायद उसी के चलते उसकी मौत हुई है।

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