रामपुरा में मनरेगा घोटाला: प्रधान सहित 5 पर मुकदमा दर्ज, 9 लाख से अधिक गबन का आरोप।


रियल मीडिया न्यूज
रामपुरा, जालौन। जनपद के विकास खंड रामपुरा व कुठौन्द थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत हुसेपुरा सुरई में मनरेगा योजना के तहत वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन के गबन का मामला सामने आया है। जांच में करीब 9.02 लाख रुपये के दुरुपयोग की पुष्टि होने के बाद ग्राम प्रधान सहित पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

जिलाधिकारी कार्यालय के आदेश संख्या 3045/अभि0-मनरेगा/2025-26 दिनांक 21 फरवरी 2026 के अनुपालन में कराई गई जांच में यह खुलासा हुआ कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर अनियमितताएं की गईं। मनरेगा लोकपाल की जांच में पाया गया कि जॉब कार्डों में हेराफेरी कर फर्जी नामों के आधार पर भुगतान निकाला गया, जिससे सरकारी खजाने को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा।

इस मामले में ग्राम रोजगार सेवक अंकित दीक्षित, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी सुनील कुमार एवं उदयनारायन दोहरे, तकनीकी सहायक जलील बक्स सिद्दीकी तथा ग्राम प्रधान गीता देवी को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी आरोपितों के खिलाफ कुठौन्द थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) और 316(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

प्रशासन के अनुसार, संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और आरोपियों की भूमिका का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। गबन की गई धनराशि की वसूली भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही जिले की अन्य ग्राम पंचायतों में भी मनरेगा कार्यों की समीक्षा और जांच तेज किए जाने के संकेत दिए गए हैं।

इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक सतर्कता बढ़ी है। स्थानीय स्तर पर लोग भी मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा।

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