रियल मीडिया न्यूज/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन को रफ्तार देने की कड़ी में गुरु गोरखनाथ से जुड़े स्थलों को जोड़कर एक पर्यटन सर्किट विकसित किया जा रहा है। इसमें बुंदेलखंड के महोबा स्थित गोरखगिरि पर्वत अब प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। स्वदेश दर्शन 2.0 योजना में करीब 11.21 करोड़ से यहां पर्यटन विकास कार्य हुए हैं। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। परियोजना के तहत शिव तांडव मंदिर और गोरखगिरि मंदिर का कायाकल्प किया गया है। पर्यटक सुविधाओं के तहत पर्यटक सुविधा केंद्र और स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए वेंडर कियोस्क भी विकसित किया गया है। आध्यात्मिक शांति के लिए ध्यान केंद्र और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए ओपन थिएटर यहां की खास पहचान बनेंगे। आकर्षक मुख्य प्रवेश द्वार के साथ अंदर और बाहर के रास्तों का व्यवस्थित निर्माण कर सकेंगे। पर्यटन व संस्कृति मंत्री ने बताया कि महोबा स्थित गोरखगिरि अब आध्यात्मिक पर्यटन का नया केंद्र बनेगा। यह परियोजना न सिर्फ श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं देगी, बल्कि गुरु गोरखनाथ से जुड़े इस पवित्र स्थल की समृद्ध विरासत को संरक्षित करते हुए उसे वैश्विक पहचान भी दिलाएगी। इस साल महोबा में लगभग 28 लाख पर्यटक पहुंचे, जो इस क्षेत्र की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।
बुंदेलखंड में गोरखगिरि पर्वत बनेगा आध्यात्मिक केंद्र, 11.21 करोड़ से परियोजना का हुआ है विकास
