हमीरपुर। ग्राम रोजगार सेवकों ने लंबित मानदेय, ईपीएफ भुगतान और नियमितीकरण की मांग को लेकर सदर विधायक डा. मनोज कुमार प्रजापति को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री तक अपनी समस्याएं पहुंचाई गईं।
रोजगार सेवकों ने बताया कि उन्हें पिछले 12 महीनों से मानदेय नहीं मिला है, वहीं कई वर्षों से ईपीएफ का पैसा भी लंबित है। साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में की गई घोषणाएं अब तक लागू नहीं की गई हैं, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
ज्ञापन में कहा गया कि मानदेय न मिलने के कारण रोजगार सेवकों की आर्थिक स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और इलाज जैसी जरूरी जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद शासन द्वारा लगातार कार्य का दबाव बनाया जा रहा है।
रोजगार सेवकों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के संचालन के लिए मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप और डाटा रिचार्ज जैसी सुविधाएं जरूरी होती हैं, जिनका खर्च उन्हें खुद उठाना पड़ता है। ऐसे में बिना मानदेय के काम करना बेहद कठिन हो गया है और इससे योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी असर पड़ रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि कंटीन्जेंसी व्यवस्था समाप्त कर रोजगार सेवकों को नियमित किया जाए तथा उनका मासिक मानदेय 24 हजार रुपये निर्धारित किया जाए। साथ ही ईपीएफ सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं, ताकि योजनाओं का संचालन सुचारु रूप से हो सके।
इस मौके पर संगठन के जिला महामंत्री मुकेश कुमार, मौदहा विकासखंड अध्यक्ष देवेंद्र कुमार, संचार मंत्री मदनपाल, राजबहादुर, बालादीन, राजेन्द्र, प्रमोद कुमार, जिला कोषाध्यक्ष रामनरेश, बिनीत तिवारी, उमा यादव, अजमद खान सहित अनेक ग्राम रोजगार सेवक उपस्थित रहे।
सदर विधायक को सौंपा ज्ञापन, रोजगार सेवकों का फूटा आक्रोश
