लखनऊ। विशेष सत्र को संबोधित करते हुए सपा विधायक रागिनी सोनकर ने कहा कि आज इस सत्र को जिस तरह बुलाया गया है वो भाजपा का राजनीतिक षड्यंत्र ज्यादा लगता है न कि महिलाओं के अधिकारियों की वास्तविक चर्चा। अगर महिलाओं को आरक्षण देना होता तो सितंबर 2023 में पारित हुए बिल की अधिसूचना अप्रैल 2026 में न जारी की जाती। उन्होंने कुछ पंक्तियां पढ़ते हुए कहा कि मैं यूपी की नारी हूं, बेखौफ सताई जाती हूं। रामराज्य का नारा देकर बलि चढ़ाई जाती हूं। सिंदूर, कोख और इज्जत नोच जिंदा लाश बनाई जाती हूं। नकली आरक्षण का धोखा देकर शतरंज नचाई जाती हूं। मैं यूपी की नारी हूं हर रोज जलाई जाती हूं। उन्होंने कहा कि जब संसद की बात आती है तो नेहरू को भाजपा के लोग कोसते हैं और जब यूपी की बात आती है तो नेताजी को कोसते हैं क्योंकि इन लोगों का यही धंधा है क्योंकि इनका सारा काम मंदा है। नेताजी ने महिलाओं को आरक्षण देकर पंचायत में 35 प्रतिशत आरक्षण देकर महिलाओं को ब्लॉक प्रमुख से लेकर प्रधान और बीडीसी की कुर्सी पर बैठाया है और भाजपा के लोगों ने नारी को नारा बनाया है। भाजपा का नारी वंदन झूठा है। भाजपा के लोग नारी को इस्तेमाल करके सत्ता की कुर्सी को हथियाना चाहते हैं। यही इनकी मंशा है।
भाजपा की मंशा आरक्षण देना नहीं बल्कि राजनीतिक षड्यंत्र हैः रागिनी सोनकर
