लखनऊ। हाईकोर्ट ने निजी प्रेक्टिस करने वाले सरकारी डॉक्टरों पर सख्त नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को ऐसे चिकित्सकों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। ऐसे में निजी प्रेक्टिस करने वाले सरकारी डॉक्टरों की खुफिया निगरानी की जा रही है। डीएम ने जांच के लिए कमेटी भी बना दी है। डीएम मनीष बंसल ने सीएमओ के नेतृत्व में कमेटी बनाई है। इसमें कोई भी सरकारी डॉक्टर निजी प्रेक्टिस और अस्पतालों में सेवाएं देने की शिकायत कर सकता है। इसकी जांच की जाएगी, इसके बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके साथ ही खुफिया विभाग भी ऐसे चिकित्सकों पर नजर रख रहा है। खासतौर पर इनके आवास, अस्पताल और क्लीनिक पर निगरानी की जा रही है। इसकी वीडियोग्राफी, फोटो समेत अन्य साक्ष्य भी जुटाए जाएंगे। इनकी रिपोर्ट भी बनाई जाएगी। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि डीएम की ओर से बनी कमेटी पर शिकायत आने पर जांच की जाएगी। एसएन कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि एसएन के स्थायी चिकित्सकों ने निजी प्रेक्टिस नहीं करने के बाबत शपथ पत्र भी लिया है।
सरकारी डॉक्टर हो जाएं सावधान, प्राइवेट क्लीनिक चलाते हैं तो बंद कर दें
