निरंकार को अंग संग जान कर भक्ति करना होती है सार्थकडॉक्टर राम प्रकाश


कानपुर देहात 27 म ई । संत निरंकारी मिशन शिवली ,(रजि.) ब्रांच के महात्मा डॉक्टर राम प्रकाश ने कहा कि निरंकार को अंग संग जानकर भक्ति करना ही सार्थक होती है ।जब ब्रह्म ज्ञान मानव के अंदर आ जाता है तो मैं अहम की भावना समाप्त हो जाती है ।केवल और केवल परोपकार की भावना रहती है। हर एक के अंदर परमात्मा के दर्शन होते हैं।अम्बियापुर झींझक में संत निरंकारी मिशन के तत्वावधान में एक भव्य सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर सत्गुरु की महिमा का गुणगान किया एवं मानवता, प्रेम, भाईचारे तथा सेवा का संदेश ग्रहण किया।
इस अवसर पर डॉ. राम प्रकाश जी शिवली शाखा के महात्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य परमात्मा की पहचान कर प्रेम, विनम्रता और सेवा भाव से जीवन व्यतीत करना है। उन्होंने सत्संग के माध्यम से संगत को सत्य, सद्भाव एवं निरंकार से जुड़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का संचालन राजेन्द्र द्वारा किया गया। संगत में डॉ. अजय कुमार सुमन चांदनी , सुरेश गुप्ता नेता जी एवं प्रशांत कुमार गुप्ता ने गीत व विचारों के द्वारा सतगुरु का गुणगान किया सत्संग के बाद प्रसादी वितरित की गई।

सत्संग कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्ति रस का आनंद लेते हुए मिशन द्वारा दिए जा रहे मानव कल्याण एवं सामाजिक एकता के संदेश की सराहना की। कार्यक्रम का समापन सत्गुरु के जयकारों एवं प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ।

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