लखनऊ। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से 25 लाख रुपये का ऋण लेकर हड़पने और वर्षों से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी ईओडब्ल्यू की विशेष टीम ने अलग-अलग स्थानों से की। ईओडब्ल्यू से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 में आरोपियों ने एक महिला की संपत्ति के मूल बैनामे का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी की साजिश रची। आरोप है कि श्रीमती मंजू देवी के वृंदावन योजना स्थित मकान के मूल बैनामे की प्रति गुम होने के बाद उनकी जानकारी के बिना फर्जी दस्तावेज तैयार कर इलाहाबाद बैंक की कैसरबाग शाखा से 25 लाख रुपये की सीसी लिमिट स्वीकृत कराई गई और धनराशि हड़प ली गई। इस मामले में थाना बछरावां, रायबरेली में वर्ष 2020 में धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में उच्च न्यायालय के आदेश पर मामले की विवेचना ईओडब्ल्यू को सौंपी गई। जांच के दौरान ईओडब्ल्यू ने पाया कि अरविंद सिंह और मोहम्मद सलीम इस धोखाधड़ी में शामिल थे। दोनों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास लगातार किए जा रहे थे, लेकिन वे लंबे समय से फरार चल रहे थे। ईओडब्ल्यू की टीम ने 9 जून 2026 को कार्रवाई करते हुए अरविंद सिंह को आलमबाग क्षेत्र तथा मोहम्मद सलीम को ठाकुरगंज क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र रचने से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है तथा आर्थिक अपराधों में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
फर्जी दस्तावेजों से 25 लाख का बैंक लोन हड़पा, दो आरोपी गिरफ्तार; काफी समय थे फरार
