- 30 जून से कागज के नोट बंद होने और प्लास्टिक नोट आने की खबरें वायरल, आधिकारिक पुष्टि नहीं
फतेहपुर। इन दिनों सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर एक संदेश तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि 30 जून के बाद कागज के सभी नोट बंद हो जाएंगे और उनकी जगह प्लास्टिक के नोट चलन में आएंगे। इस वायरल संदेश ने खासकर महिलाओं के बीच असमंजस और चिंता की स्थिति पैदा कर दी है।
घरों में वर्षों से बचत के रूप में नकदी रखने वाली महिलाओं को वर्ष 2016 की नोटबंदी की याद सताने लगी है। कई महिलाएं यह सोचकर परेशान हैं कि यदि खबर सही निकली तो घरों में रखी नकदी का क्या होगा। गांवों और कस्बों में इस विषय पर चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है। हालांकि, अब तक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या भारत सरकार की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान या अधिसूचना जारी नहीं की गई है, जिसमें यह कहा गया हो कि 30 जून से कागज के नोट बंद किए जा रहे हैं। इसलिए सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे ऐसे संदेशों की पुष्टि नहीं होती है और इन्हें अफवाह माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय-समय पर नए प्रकार के नोटों या सुरक्षा फीचर्स को लेकर चर्चाएं होती रहती हैं, लेकिन किसी भी मुद्रा को बंद करने या नई मुद्रा लागू करने का निर्णय सरकार और रिजर्व बैंक आधिकारिक रूप से सार्वजनिक करते हैं। ऐसी महत्वपूर्ण घोषणाएं केवल आधिकारिक माध्यमों से ही जारी की जाती हैं। साइबर विशेषज्ञों और प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले अपुष्ट संदेशों पर भरोसा न करें और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। यदि भविष्य में मुद्रा व्यवस्था में किसी प्रकार का बदलाव किया जाता है, तो उसकी जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक और भारत सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से जारी की जाएगी। फिलहाल 30 जून से कागज के नोट बंद होने की खबर की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, इसलिए लोगों को अफवाहों से बचने और केवल विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करने की सलाह दी जा रही है।
