मुंबई में चॉल गिरने से छह की मौत, सरकार का मुआवजे का एलान

मुंबई में चॉल गिरने से छह की मौत, सरकार का मुआवजे का एलान

मुंबई। पुणे में सोमवार सुबह पाटन के एक छोटे और सुदूर गांव में भूस्खलन हुआ, जिससे एक घर मलबे में दब गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घर में रहने वाला पूरा परिवार मलबे के नीचे फंसा हो सकता है।फिलहाल बचाव अभियान जारी है। जिला सूचना कार्यालय, पुणे के अनुसार, अब तक किसी भी हताहत की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना के मद्देनजर, पुणे स्थित राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 5वीं बटालियन से सहायता मांगी गई। इसके अनुसार, एक 30-सदस्यीय टीम, जिसमें एक अधिकारी, दो वरिष्ठ अधिकारी और 27 जवान शामिल थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के मानखुर्द इलाके में चॉल गिरने की घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले छह लोगों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। यह हादसा रविवार रात भारी बारिश के बीच मंडाला इलाके में हुआ, जब तीन मंजिला चॉल का एक हिस्सा अचानक ढह गया। अधिकारियों के अनुसार, रात करीब 8:30 बजे भवन की दो से तीन रिहायशी इकाइयां गिर गईं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ढही हुई इमारत पास की एक झोपड़ी पर भी जा गिरी। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इन इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, 70 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी-तूफान की चेतावनी दी है। मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट को रेड अलर्ट में बदला गया। आईएमडी के मुताबिक, लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, फ्लैश फ्लड, नदियों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन का खतरा है। तेज हवाओं से पेड़ उखड़ सकते हैं, पुराने और जर्जर भवनों को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, कोंकण तट पर समुद्र में ऊंची लहरें और खराब मौसम रहने की संभावना है, जिससे सड़क, रेल, हवाई और फेरी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। वही, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने, पेड़ों, जर्जर इमारतों, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स से दूर रहने की अपील की है। नागरिकों को समुद्र तटों और जलभराव वाले इलाकों में न जाने की सलाह भी दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में BMC हेल्पलाइन 1916 पर संपर्क किया जा सकता है। स्थिति से निपटने के लिए BMC और अन्य सरकारी एजेंसियों के करीब 15,000 अधिकारी और कर्मचारी शहरभर में तैनात किए गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *