जगदीश श्रीवास्तव।
हमीरपुर राठ। सरीला विकासखंड की हरसुंडी ग्राम पंचायत में VB-G RAM G योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों को लेकर कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव में धरातल पर काम कराए बिना ही सैकड़ों मजदूरों की डिमांड दर्ज कराई गई। इतना ही नहीं, गांव से पलायन कर चुके लोगों के नाम पर भी मजदूरी की डिमांड लगाए जाने का5 दावा किया गया है। इन आरोपों के बाद ग्राम पंचायत से लेकर ब्लॉक स्तर तक के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।ग्रामीणों के मुताबिक, ग्राम पंचायत में जल रोक बांध सहित अन्य कार्यों का मामला संदेह के घेरे में है। उनका सवाल है कि जब मौके पर संबंधित कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं, तो फिर सैकड़ों मजदूरों की डिमांड किस आधार पर दर्ज की गई? यदि बिना काम कराए मजदूरों की डिमांड दर्ज की गई है, तो इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।मामले में ग्राम पंचायत सचिव शिवकांत गुप्ता और पंचायत सहायक रामसहाय कुशवाहा समेत ब्लॉक स्तर के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मनरेगा के एपीओ ने ग्राम प्रधान पर डिमांड लगाने के लिए दबाव बनाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान सामने आना अभी बाकी है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि योजना के तहत कार्यों की डिमांड, मस्टर रोल और मौके पर कराए गए निर्माण कार्यों का मिलान कराया जाए, तो कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।अब जिला प्रशासन की जांच पर निगाहेंहरसुंडी ग्राम पंचायत में उठे सवालों के बीच अब जिला प्रशासन की भूमिका अहम मानी जा रही है। यह जांच का विषय है कि योजना के तहत कितने कार्य स्वीकृत हुए, कितने कार्य वास्तव में कराए गए, कितने मजदूरों की डिमांड दर्ज हुई और मस्टर रोल में दर्ज नामों का वास्तविक मजदूरों से कितना मिलान होता है। साथ ही, मजदूरी के भुगतान की स्थिति का सत्यापन भी जरूरी है।अब देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए अभिलेखों और मौके का सत्यापन कराता है या नहीं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि ग्राम पंचायत में योजना के क्रियान्वयन में अनियमितताएं हुई हैं या नहीं।
