रियल मीडिया नेटवर्क
भरुआ सुमेरपुर। पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण की मांग को लेकर तृतीय चरण की गांव-गांव पांव-पांव यात्रा लेकर कस्बे में आए फिल्म अभिनेता व बुंदेलखंड विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष राजा बुंदेला ने कहा कि अलग राज्य बनने के बाद ही बुंदेलखंड में विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। गायत्री तपोभूमि में ब्रह्मलीन संत स्वामी रोटीराम महाराज की समाधि में मत्था टेकने के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए राजा बुंदेला ने कहा कि अलग राज्य की मांग करने वाले एक दर्जन से ज्यादा संगठनों ने एक मंच बनाकर बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा का गठन करके अलग राज्य की मांग को तेज किया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि 2027 के बाद अलग राज्य का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में अपार खनिज संपदा है। यहां पर ग्रेनाइट, बालू, हीरे, जवाहरात, मटर, नींबू, मिर्च, अदरक, अरहर का भरपूर भंडार है। हालांकि रोजगार के संसाधन नहीं होने से युवा पलायन कर रहे हैं। आजादी के बाद से लेकर अब तक बुंदेले शोषण का शिकार हो रहे हैं। किसी भी सरकार ने इस क्षेत्र के विकास में रुचि नहीं दिखायी है। आज भी यहां एम्स, एयरपोर्ट, आईआईटी का अभाव है। यह सब कुछ तभी संभव होगा जब अलग राज्य बनेगा। उन्होंने बताया कि उनके आंदोलन की जानकारी प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को है। उन्होंने प्रत्येक गांव में दो युवकों को अपने सैनिक के रूप में तैयार किया है। प्रत्येक ग्राम प्रधान से अलग राज्य की मांग के लिए पत्र लिखवाकर प्रधानमंत्री को भेज रहे हैं। उन्होंने बताया की तृतीय चरण की यात्रा का महोबा में 15 मई को समापन होगा। फिर चौथे चरण की यात्रा बांदा चित्रकूट में शुरू की जाएगी। इसके बाद दिल्ली में दो दिवसीय सम्मेलन करके अलग राज्य घोषित करने का प्रस्ताव राष्ट्रपति महोदया को सौपा जाएगा। वार्ता के दौरान डा. आश्रय सिंह, प्रताप सिंह, शिवम चौहान, सोनू, रामवीर सिंह, कल्याण सिंह आदि मौजूद रहे। इसके बाद यात्रा मौदहा के लिए रवाना हो गई।

