महाराजपुर विधानसभा क्षेत्रअब तो इस तालाब का पानी बदलदो, यह कमल के फूल कुम्हलाने लग हैंः मनोज कुमार शुक्ल बबलू

पीयूष त्रिपाठी कानपुर। कैसे-कैसे मंज़र सामने आने लगे हैं गुण गाते गाते लोग चिल्लाने लगे हैं। अब तो इस तालाब का पानी बदलदो यह कमल के फूल कुम्हलाने लगे हैं। दुष्यंत कुमार की गज़ल की लाइनें आज पूरी तरह सही साबित हो रही हैं। जिनकी विदेश नीति पूरी तरह फेल हो, जिनकी राष्ट्रनीति अंधेरी सुरंग में जा रही हो, जिनके हाथों पूरा समाज खंडित हो रहा हो उनको सत्ता से उखाड़ फेंकना चाहिए। जिनके निर्वाचित जनप्रतिनीधि जनता को अपना पिछलग्गू समझने लगे हों, जो काम काज में नाकारा साबित हुए हों उनको राजनीति से वंचित कर देना चाहिए। उन्हीं में से एक है कानपुर की महाराजपुर विधानसभा सीट। इस सीट पर तीसरी बार भाजपा के दिग्गज माने जाने वाले विधायक लगातार जीते हैं, लेकिन यहां ठोस विकास कार्य जीरो है तो अब फिर जनता में भयानक आक्रोश है इसी लिए यहां की जनता अब कमल के तालाब का पानी बदलने के लिए कमर कस कर सामने आ गयी है। पूर्व प्रत्याशी व सपा नेता मनोज कुमार शुक्ल बबलू ने आज यह बात एक साक्षात्कार में कही। उन्होंने कहा कि महाराजपुर विधानसभा सीट ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में बसी है यहां न तो शहर में काम हुआ है और न ही ग्रामीण में। बुनियादी सुविधाओं में प्रमुख सड़क, सुरक्षा, स्वास्थ्य, सफाई और शिक्षा इन सभी क्षेत्रों में कोई भी काम हुआ ही नहीं है। मनोज कुमार शुक्ल ने कहा कि भाजपा सभी जातियों का अपमान कर रही है। जिससे समाज में विखंडन उत्पन्न हो रहा है। सवणों को नीचा दिखाने, उनको अपमानित करने के साथ अन्य जातियों से उनको लड़ाने का भाजपा का प्रयास सफल नहीं होने वाला। देश व प्रदेश की जनता इतनी जागरूक है कि वह भाजपा की समाज विरोधी हरकतों को पहंचानती है। मैं तो एक किसान का बेटा और ज़मीनी कार्यकर्ता हूं, बड़ा दुख होता है कि जब लोग छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर मेरे पास आते है और कहते है कि जनप्रतिनीधियों के यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है। चन्द लोगों की ही सुनी जा रही है। कहा कि महाराजपुर विधानसभा अपने आप में अदभुत है। यहां जातीय विद्वेष और धार्मिक कटटरता है ही नहीं यहां के लोग बहुत प्रेम से रहते है। अब उनके बीच फूट डालने का काम भाजपा कर रही है जिसे सफल होने नहीं दिया जायेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपना वोट विकास के आधार पर करें।v

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