उद्यमी के बेटे की जन्मदिन पार्टी के बाद दिया गया घटना को अंजाम


० बजरंग दल के जिला सहसंयोजक के पिस्टल लहराने से घबराये थे होटल कर्मी
० आरोपी बचाव के लिए भाजपा की शरण में

भरुआ सुमेरपुर। मंगलवार की देर रात कस्बे के अर्थ होटल में हुई मारपीट की घटना को कस्बे के एक उद्यमी के पुत्र की जन्मदिन पार्टी के बाद अंजाम दिया गया था। सभी आरोपी जन्मदिन पार्टी के जश्न मनाने के बाद होटल में खाना खाने गए थे। गैस की किल्लत होने तथा अर्धरात्रि का समय करीब होने पर होटल बंद होने जा रहा था। इसी बीच इन्होंने दबंगी के साथ होटल के मैनेजर से खाने की मांग की। मैनेजर के मना करने के बाद घटना को अंजाम दिया गया। मारपीट के दौरान बजरंग दल के जिला सहसंयोजक ने अपना पिस्टल भी लहराया और जान से मारने की धमकी दी। पिस्टल देखकर होटलकर्मी विरोध का दुस्साहस नहीं कर सके और एके-47 गैंग के सरगना सहित सभी सदस्य बेकौफ होकर मैनेजर सहित होटल कर्मियों, होटल में ठहरे ग्राहक को अर्धनग्न करके जमकर पीटा और जान से मार देने की धमकी देकर चले गए। घटना के 48 घंटे गुजर जाने के बाद पुलिस किसी आरोपी को नहीं पकड़ सकी है। मुकदमा दर्ज होने के बाद बुधवार को मैनेजर ने पुलिस पूछताछ में नामजद आरोपियों के अलावा एके-47 गैंग के सरगना सहित कस्बे के कई युवकों के नाम लिए हैं। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जिसकी आपका अपना अखबार पुष्टि नहीं करता है। थानाध्यक्ष भी स्वीकार करते हैं कि एके-47 गैंग के सरगना के नेतृत्व में घटना को अंजाम दिया गया है और यह घटना फैक्ट्री एरिया के उद्यमी के पुत्र की जन्मदिन पार्टी मनाने के बाद वापस लौटते समय की गई है। घटना में शामिल सभी आरोपियों की शिनाख्त कर ली गई है जल्द ही इनको गिरफ्तार करके जेल की सलाखों में डाला जाएगा। घटना के बाद ज्यादातर आरोपी भूमिगत है बता दें कि घटना में शामिल ज्यादातर आरोपी सत्तारूढ़ भाजपा से जुड़े हुए हैं। इनको बचाने के लिए अंदर खाने तमाम भाजपाई सक्रिय हैं। घटना में नामजद प्रत्यूष साहू ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को शिकायत सौंपकर अपने आप को बेकसूर बताते हुए राजनैतिक साजिश के तहत फसाने का आरोप लगाकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। विधानसभा अध्यक्ष ने पुलिस अधीक्षक से किसी सक्षम अधिकारी से जांच कराकर कार्यवाही करने का कहा है। इससे यह साबित होता है कि आरोपी सत्ता का लाभ उठाकर बचने की जुगत तलाश रहे हैं। एके-47 गैंग का सरगना जिलाबदर रह चुका है और कई संगीन अपराध पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है। अर्से बाद इसने फिर से घटना को अंजाम देकर अपनी बादशाहत साबित करने की चेष्टा करते हुए पुलिस को खुली चुनौती दी है। अब देखना यह है कि पुलिस इसके खिलाफ क्या कदम उठाती है।

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