सद्गुरु के चरणों से से ही प्राप्त होती है भक्ति: संतोष चौहान

सद्गुरु के चरणों से से ही प्राप्त होती है भक्ति: संतोष चौहान

कानपुर देहात। संत निरंकारी मिशन कानपुर के प्रचारक महात्मा संतोष चौहान ने कहा कि गुरु के चरणों से ही भक्ति प्राप्त होती है । भक्ति निष्काम होनी चाहिए तभी फल प्राप्त होता है। निरंकारी महात्मा संतोष चौहान मंगलवार को झींझक में प्रेरणा दिवस के अवसर पर आयोजित सत्संग समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सतगुरु के, पावन चरणो से बडकर कोई तीर्थ नहीं है ।सद्गुरु के चरणों में ही सारे तीर्थ आ जाते हैं ।सतगुरु मानव मात्र को भक्ति पथ पर चला देते है उन्होंने कहा कि सत्संग करने वालो के लिये परमात्मा -साक्षात अंग संग हर समय, आपके साथ खडे होते है ।सत्संग से, जुडकर सतगुरु परमात्मा को प्राप्त करने का सुलभ मार्ग प्रदान करते हैं। सत्संग से ही भक्ति प्राप्त होती है और परमात्मा का दर प्राप्त होता है। सत्संग से ही सतगुरु ज्ञान से हमें जोड़ देते हैं । जब मानव मात्र को ब्रह्म का ज्ञान और सत्य का बोध कराके सतगुरु से ज्ञान को पा करके मानव सत्य मार्ग पर चलने लग जाता है। पतन, की रहा को छोडकर के सत्य परमात्मा से रिश्ता जुड जाता है उन्होंने कहा कि ब्रह्म ज्ञानी सतगुरु के द्वारा प्राप्त सत्संग को, हर समय धारण करते हैं क्योंकि सत्संग में जो उपलब्धियां परमात्मा का दर और इस संसार में जो जीवन में प्राप्त होती है वह हमें उच्च शिखर की ओर ले जाने वाली होती है। उन्होंने कहा कि गुरु की कृपा से अंधकार से प्रकाश की ओर चलने लग जाते हैं आनंद की अनुभूति प्राप्त कर लेना और परमात्मा को सतगुरु के ज्ञान से प्राप्त कर लेना यही आनंद मय जीवन ,होता है । जीवन का हर सुख झोली में आता आ जाता है। महात्मा संतोष चौहान ने कहा कि निरंकारी बहन का प्रेरणा दिवस एक उदाहरण है कि उन्होंने गुरु के हुकुम में रहकर जीवन जिया हीं नहीं बल्कि अन्य को भी प्रेरणा दी सत्संग का संचालन बहन सिमरन ने किया इस अवसर पर संत निरंकारी मिशन कानपुर के बृजेश वर्मा एसके सिंह सुरेश गुप्ता नेताजी जगन्नाथ आदि उपस्थित थे।

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