राहुल कुमार
उरई। आज समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने वोट बचाओ देश बचाओ अभियान के तहत जोरदार प्रदर्शन किया। सपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर पुतला दहन करने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने पुतले को कब्जे में ले लिया। प्रदर्शन के दौरान नजारा ऐसा था कि देखते ही लोग हैरान रह गए। पुलिसकर्मी हथियार लेकर पुतले को इस तरह बचा रहे थे, जैसे हाथ से निकलते ही कोई खजाना लुट जाएगा। सपा कार्यकर्ता पुतला जलाने के लिए आगे बढ़ते, पुलिस उसे पीछे खींच लेती। करीब 10 मिनट तक सड़क पर पुलिस और सपाइयों के बीच पुतले को लेकर खींचतान चलती रही। मौके पर मौजूद लोगों ने तंज कसते हुए कहा – पुतले की शस्त्र लेकर ऐसी सुरक्षा कि मानो सरकार ने इसे ‘VIP सुरक्षा’ की श्रेणी में डाल दिया हो। पुतला बचाने में पुलिस की ऐसी जद्दोजहद, जैसे आज ही ‘पुतला सुरक्षा पुरस्कार’ मिलने वाला हो! पुतला था या सोने का अंडा देने वाली मुर्गी? पुलिस ने पूरी ताकत लगा दी कब्जे में लेने में। सपा जिलाध्यक्ष समेत कई नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चुनाव आयोग के कंधे पर रखकर लोकतंत्र पर हमला कर रही है। वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और SIR के नाम पर वोट काटने का आरोप लगाते हुए उन्होंने चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की वहीं पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति प्रदर्शन और पुतला दहन की इजाजत नहीं थी, इसलिए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुतले को हटाया गया। फिलहाल पुतला तो पुलिस के कब्जे में है, लेकिन इस “पुतला बचाओ अभियान” का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग पूछ रहे हैं – इतनी मोहब्बत पुतले से क्यों साहब
