रियल मीडिया नेटवर्क
भरुआ सुमेरपुर। देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के मद्देनजर कस्बे में वर्णिता संस्था के तत्वावधान में विमर्श विविधा के अन्तर्गत जिनका देश ऋणी है के तहत जन गण मन जैसे राष्ट्रगान के सृजेता व नोबेल पुरस्कार विजेता रवीन्द्र नाथ टैगोर की जयंती पर संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि रवीन्द्र नाथ टैगोर सच्चे अर्थों में राष्ट्रवादी सृजेता थे। इनके देश धर्मी साहित्यिक योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। इनकी गीतांजलि नामक कृति विश्व स्तरीय रचना थी। इसी आधार पर इन्हें 1913 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। टैगोर का जीवन काल 7 मई 1861 से 7 अगस्त 1941 तक रहा।ये अपने आठ दशकों के जीवन में सदैव देशोन्मुख रहे। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, महावीर प्रजापति, महावीर, सन्तोष, प्रेम, विकास, रामनारायन, मनबोधन, नीलकंठ धुरिया, रिचा, पंकज सिंह, अजय, दस्सी आदि शामिल रहे।

