क्रांतिकारी बिपिन चंद्र पाल की मनाई पुण्यतिथि

रियल मीडिया नेटवर्क
भरुआ सुमेरपुर। कस्बे में वर्णिता संस्था के तत्वावधान में स्वाधीनता आंदोलन का एक उग्रवादी देशभक्त बिपिन चंद्र पाल की पुण्यतिथि मनाई गई।
संस्था के अध्यक्ष डॉ.भवानीदीन ने श्रद्धासुमन अर्पित कर बताया कि उनका जन्म सात नवम्बर 1858 को सिलहट बंगाल (अब बांग्लादेश) में रामचंद्र पाल एवं नारायणी देवी के घर हुआ था। सुरेन्द्र नाथ बनर्जी को वह अपना राजनीतिक गुरु मानते थे।
आजादी की लड़ाई में उग्रवादी आन्दोलन का एक अलग महत्व था। लाल बाल पाल नाम की तिकड़ी ही इस आन्दोलन की प्रमुख थी। यह स्वराज्य की दृढ़ वकालत करते थे। वह भारत में संघीय गणराज्य चाहते थे। कुछ मामलों में गांधी जी और तिलक जी से विचार मेल नहीं खाते थे। वह समग्र देशभक्ति की वकालत कर स्वदेशी,बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा के पक्षधर थे। वह सामाजिक सुधारों और श्रम अधिकारों के संरक्षण में भी आगे रहे। कालांतर में 20 मई 1932 में उनका निधन हो गया। कार्यक्रम मे अशोक अवस्थी,राधारमण गुप्ता, रमेशचंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *