चौड़ीकरण प्रक्रिया रुक जाने से,असमंजस में हैं नगरवासी

विशेष संवाददाता
राठ हमीरपुर। व्यापार के केंद्र राठ नगर के मुख्य मार्ग पर लगभग हमेशा लगे रहने वाले जाम से निजात पाने हेतु प्रदेश सरकार ने चौड़ीकरण का आदेश दिया था। जिसका टेंडर भी हो चुका था, और छुटपुट कार्य भी हुआ है। अब लगभग 2-3 माह से यह चौड़ीकरण की प्रक्रिया लोक निर्माण विभाग के जनपद के उच्च अधिकारी की रहस्यमई चुप्पी के चलते रुकी हुई है और जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है।
गौरतलब है कि नगर क्षेत्र में बीचो-बीच से पनवाड़ी- बिलरायां मार्ग गुजरता है। जिसकी मार्ग संख्या 428, 429, 430 चौड़ीकरण हेतु चिन्हित की गई है।
इसमें उरई रोड नहर से लोक निर्माण विभाग तक का चौड़ीकरण होना था।शुरुआत में जहां चौड़ीकरण हेतु भूमि उपलब्ध हुई, ठेकेदार ने चौड़ीकरण कर भी दिया और उरई रोड पर पुलिया भी बना दी। परंतु मुख्य मार्ग के किनारे स्थाई रूप से अतिक्रमण कर बनाए गए प्रतिष्ठान और मकान भी चौड़ीकरण की सीमा में आ रहे थे,जिनको तोड़ने हेतु लोक निर्माण विभाग के कर्मियों ने नाप करके कई जगह निशान भी लगाए थे। जिससे मुख्य मार्ग के किनारे रहने वाले और व्यापार करने वालों को कठिनाई का आभास हुआ था और वह सभी इस चौड़ीकरण के विरोध में थे। एक दो धनाढ्य लोगों के प्रतिष्ठान काफी क्षतिग्रस्त होने थे। जिससे उन्होंने परेशान लोगों को एकत्रित कर सत्ताधारियों पर दबाव भी बनाया और सभी से राहत हेतु धनराशि भी एकत्रित की। बताया जाता है कि वह राशि उच्च न्यायालय से सहायता प्राप्त करने हेतु ली गई थी। परंतु अब बताया जा रहा है कि उच्च न्यायालय से राहत न मिलने के बाद हमीरपुर में बैठे लोक निर्माण विभाग के एक उच्च अधिकारी को संतुष्ट कर यहां की चौड़ीकरण का कार्य रुकवा दिया गया है। जिससे कि इस भीषण गर्मी में दिनभर लगने वाले जाम से मरीज,बच्चे, वृद्ध आदि सभी परेशान हैं।
भारतीय जनता पार्टी के सत्ता अधिकारी लोग भी इधर जाएं, कि उधर जाएं की स्थिति में असमंजस में है। विपक्षी दलों के बचे खुचे नेतागण और कथित समाजसेवी भी इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने अथवा करने को तैयार नहीं है।

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