रियल मीडिया नेटवर्क
भरुआ सुमेरपुर। नगर पंचायत के टाउन हॉल में शुक्रवार को राजस्व विभाग द्वारा तैयार की गई हस्तलिखित खतौनी का प्रकाशन किया गया। साथ ही राजस्व कर्मियों ने किसानों के नाम के साथ गाटा संख्या, रकबा आदि बताकर सभी को सुनाया। शनिवार से आपत्तियां मांगी गई हैं।
राजस्व विभाग ने 1378-1380 फसली (सन् 1972) को आधार वर्ष मानकर हस्तलिखित खतौनी तैयार की है। इस नवनिर्मित खतौनी में गाटा संख्या के बटे समाप्त करके एक गाटा संख्या तैयार करके किसानों के नाम दर्ज कर दिया गया है।
शुक्रवार को इस नवनिर्मित खतौनी को एसडीएम सहित राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में प्रकाशन कर किसानों को खतौनी के गाटा संख्या, रकबा आदि को पढ़कर सुनाया। लेकिन किसान इस व्यवस्था से संतुष्ट नहीं दिख रहे हैं। किसानों ने हस्तलिखित खतौनी को देखने के बाद इसमें आपत्ति की तैयारी शुरू कर दी है।
किसान दुलीचंद विश्वकर्मा, राजेंद्र निगम, राजकुमार द्विवेदी, राधेश्याम तिवारी आदि ने बताया कि इस खतौनी में बटे समाप्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 1378-80 फसली के बजाय 1359 फसली की खतौनी को आधार लेकर नई खतौनी तैयार की जानी चाहिए, तभी किसानों को सही न्याय मिलेगा। 1378-80 फसली के बाद तमाम जमीन खुर्द बुर्द की गई है। इससे किसानों को तमाम दिक्कतें होगीं। उन्होंने कहा कि वह इस खतौनी के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे क्योंकि राजस्व विभाग का निर्णय किसानों के हित में नहीं है।
खतौनी प्रशासन के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेन्द्र शिवहरे,एसडीएम सदर सुकुमा प्रसाद विश्वकर्मा, तहसीलदार रविंद्र पाल, नायब तहसीलदार प्रदीप निगम, कानूनगो राधेश्याम, छोटेलाल, वीरेंद्र नाथ अवस्थी, लेखपाल अशोक कुमार, महेंद्र कुमार, बशीरुद्दीन, श्रीदेवी प्रसाद मौजूद रहे।
एसडीएम सदर सुकुमा प्रसाद ने बताया कि तैयार खतौनी का प्रकाशन किया गया है। शनिवार से आपत्तियां मांगी गई हैं। आपत्तियों को जांच के बाद निस्तारित किया जाएगा। इसके बाद खतौनी का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

