दो माह में होगा जमीन का अधिग्रहण
नंदकुमार यादव
कानपुर से कबरई तक 112 किलोमीटर बनेगा नया हाईवे
भरुआ सुमेरपुर। कानपुर से कबरई के मध्य बनने वाले ग्रीन फील्ड हाईवे को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने हरी झंडी दे दी है। 3700 करोड़ की लागत से बनने वाले इस ग्रीन फील्ड हाईवे के लिए जमीन का अधिग्रहण 2 माह में शुरू हो जाएगा। इसके लिए जमीनों का चिन्हीकरण कर लिया गया है। यह ग्रीन फील्ड हाईवे हमीरपुर महोबा कानपुर नगर के 78 गांवों से गुजरेगा और इसको रमईपुर कानपुर के मगरासा के समीप से जोड़कर महोबा की सीमा पर छतरपुर इकोनामिक कॉरिडोर से जोड़कर 112 किलोमीटर बनाया जाएगा।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने बताया कि तीन माह पूर्व कानपुर कबरई ग्रीन फील्ड हाईवे का एलाइनमेंट तैयार करके स्वीकृत के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को भेजा गया था। स्वीकृत देने से पूर्व एनपीजी (नेशनल प्लानिंग ग्रुप) से अनापत्ति प्रस्ताव भेजा गया था। तभी से एनएचएआई के अधिकारी स्वीकृति का इंतजार कर रहे थे। अब इसकी स्वीकृति मिली है। उन्होंने बताया कि 2 माह में जमीन के अधिग्रहण की शुरुआत कर दी जाएगी।
बता दें कि अभी कानपुर से कबरई टूलेन सड़क है। वाहनों का अधिक भार होने के कारण इस हाइवे 34 में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। सैकड़ो लोग जान गवां चुके हैं। लोग इसको खूनी हाईवे के रूप में बोलते हैं। ग्रीन फील्ड हाईवे बनने से इस हाइवे में वाहनों का लोड कम होगा और हादसों में लगाम लगेगी। यह ग्रीन फील्ड हाईवे जनपद के 19 गावों से गुजरेगा। इसी तरह महोबा में यह 10 गांवों से गुजर रहा है। कानपुर नगर के 49 गांवों से इसको निकाला जा रहा है। यह शहर कस्बों के बजाय गांवों से होकर गुजरेगा। गांवों से गुजरने के कारण इन गांवों के विकास की उम्मीद बढी है। इसके बनने से लखनऊ से लेकर भोपाल तथा मुंबई का सफर बेहद आसान हो जाएगा। केंद्र सरकार इसके निर्माण में 3700 करोड़ का भारी भरकम बजट खर्च करेगी। इस ग्रीन फील्ड हाईवे के बन जाने से जिले की यमुना बेतवा में पांच दशक बने पुलों को भी बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि दोनों पुल ओवरलोड गुजारते गुजारते जर्जर हो गए हैं।
